फोटो संख्या:67- संविधान हत्या दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित करते
महेंद्रगढ़। आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में संविधान हत्या दिवस का आयोजन किया गया।
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है। इसमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, न्यायपालिका की स्वायत्तता एवं नागरिक अधिकारों का दमन हुआ। यह दिन संविधान की मूल भावना की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा देता है।
समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि आपातकाल हमें यह स्मरण कराता है कि लोकतंत्र केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि नागरिकों की जागरूकता और सक्रिय भागीदारी से पोषित होता है। विश्वविद्यालयों को इस चेतना का केंद्र बनना चाहिए। कार्यक्रम में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा आपातकाल पर तैयार की गई एक वीडियो भी दिखाया गया। साथ ही संस्कृति मंत्रालय द्वारा भेजी गई विशेष प्रदर्शनी भी लगाई। कुमारी तृप्ति सैनी ने आपातकाल के दौरान संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर पड़े प्रभावों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन सुप्रिया यादव द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रो. पायल चंदेल, सुप्रिया यादव, प्रो. रंजन अनेजा, प्रो. राजेंद्र मीणा, डॉ. नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।