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आरपीएफ के तीन सिपाहियों समेत चार पर केस दर्ज, नाकों पर भी बढ़ी सख्ती

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नाके पर तैनात पुलिस। - फोटो : Narnol
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शहर थाना पुलिस ने आरपीएफ के तीन सिपाहियों समेत चार पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। आरोप है कि कोरोना संक्रमित होने की जानकारी प्रशासन से छिपाई।
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पुलिस प्रवक्ता नरेश कुमार ने बताया कि वीरवार दोपहर में पुलिस को सूचना मिली कि दिल्ली आरपीएफ में के दो कर्मियों में कोरोना संक्रमण होने की पुष्टि हुई हैं। इस खबर से स्वास्थ्य विभाग के साथ पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। इस पर पुलिस विभाग इससे जुड़ी जानकारी जुटाने में लगी रही। जांच में पता चला कि संक्रमण के बारे में एक कर्मी के ससुर को पता था। पुलिस पूछताछ में ससुर ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। फिर इन तीनों के मोबाइल नंबर पर सम्पर्क कर पूछताछ की गई। दिल्ली से चलने के बाद कहां से आए और रस्ते में किस-किस से मिले हैं। रास्ते में कहीं नहीं रुके और जहां भी पुलिस का नाका मिला। इन्होंने दूर से ही अपना मूवमेंट पास दिखा दिया। उसके बाद तीनों सीधा रात आठ बजे हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी हुडा में आकर रुके। यह फ्लैट एक आरपीएफ कर्मी के ससुर का है। 6 मई को सभी को ये पता चल गया था कि जो दोनों दिल्ली में कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल देकर आये हैं और उसकी पॉजिटिव रिपोर्ट ईमेल आईडी पर आ गई। इस पर चारों ने इस सूचना को स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन से छिपाकर कर रखा। सात मई को स्वास्थ्य विभाग द्वारा सख्ती से पूछने पर यह जानकारी दी। इस लिए पुलिस अधीक्षक सुलोचना गजराज ने संज्ञान लेते हुए इन चारों पर कोरोना से संक्रमित होने के बाद तथ्यों को छिपाकर महामारी फैलाने के खतरे को उत्पन्न करने व सरकारी आदेशों की अवेलहना करने पर मुकदमा दर्ज कराया है। प्रवक्ता ने बताया कि तीनों पांच मई को छुट्टी लेने के बाद दिल्ली के सिविल अधिकारी से मूमेंट आदेश का पास प्राप्त किया। फिर तीनों ने कोरोना टेस्ट के लिए दिल्ली के करोलबाग के नजदीक जीवन माला हॉस्पिटल में सैंपल देकर नारनौल हुड्डा कॉलोनी के हाउसिंग बोर्ड क्वार्टर में आ गए। इनके खिलाफ वीरवार की देर शाम थाना शहर नारनौल ने आईपीसी की धारा 269, 270,188 में मुकदमा दर्ज किया गया हैं।
नाकों पर रहेगी सख्ती, नहीं मानते हैं तो करें कार्रवाई : एसपी
एसपी सुलोचना ने कहा कि जरूरी सेवाओं, खाद्य पदार्थों ओर दवाओं के इलावा कोई भी वाहन जिले में प्रवेेश नहीं करेगा। इसके लिए पुलिस प्रशासन ओर अधिक अलर्ट हो गया है। वीरवार की शाम पुलिस अधीक्षक ने फिर से सख्त आदेश दिए हैं कि किसी भी विभाग का कर्मचारी हो, दूसरे जिले व राज्य के कर्मचारियों को जिले में प्रवेश नहीं करने दिया। अगर वो आते है तो उनसे पूर्ण जानकारी ली जाए। बिना सरकार की परमिशन के जिले में प्रवेश न होने दिया जाए। यदि आदेश नहीं मानते हैं तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए। नाकों से सिर्फ वही वाहन प्रवेश कर सकते हैं जो खाद्य पदार्थ व जरूरी सेवाओ के लिए सरकार ने मंजूरी दी है। इन वाहनों में भी केवल दो व्यक्ति हो और मास्क लगा हो।
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