नारनौल। जिन किसानों की फसलों को बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान हुआ था, सरकार द्वारा उसकी क्षतिपूर्ति की जाएगी। नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए स्वयं किसानों द्वारा अपने नुकसान का ब्योरा दर्ज करवाने का विकल्प भी दिया था। कुछ किसानों ने शिकायत की है कि जब वे अपनी खराब फसलों का ब्योरा ऑनलाइन-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज करवाने गए तो पता चला कि उनकी जमीन के मालिक के तौर पर बैंक खाता और मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति ने दर्ज करवा रखे हैं, जो कि सरासर धोखाधड़ी है।
ऐसे मामले अधिकतर उन किसानों के सामने आए हैं, जो कम पढ़े-लिखे हैं। ऐसे मामले फिलहाल चरखी दादरी में सामने आए हैं। इस पर जिला प्रशासन की तरफ से किसानों को अलर्ट किया गया है।
जिला चरखी दादरी के गांव दातौली निवासी दयानंद पुत्र मान सिंह के किला नंबर-39//108 कनाल, किला नंबर-39//10-08 कनाल, किला नंबर-39//11-09 कनाल व 12 मरला जमीन को बिजेन्द्र वासी कारीरूपा व मुकेश वासी नौरंगाबास जाटान ने अपने नाम करवाकर अपना खाता नंबर चढ़वा रखा है।
इसी प्रकार गांव चांगरोड में अशोक कुमार पुत्र रतन सिंह की तीन एकड़ जमीन को पवन कुमार निवासी चिडि़या व मोनिक शर्मा ने चढ़वा रखा है। शेरसिंह पुत्र शिवलाल की एक एकड़ जमीन व सुमेर सिंह पुत्र मनीराम की चार एकड़ जमीन को जगदीश निवासी भुरजट जिला महेंद्रगढ़ ने अपने नाम चढ़वा रखा है।
इसी तरह सुक्रमपाल पुत्र करतार सिंह की तीन एकड़ जमीन, निहाल सिंह पुत्र लाल सिंह की तीन एकड़ जमीन, भगवाना पुत्र रामस्वरूप की चार एकड़ जमीन, भूप सिंह पुत्र लालमन की एक एकड़ जमीन, ओमप्रकाश पुत्र छैलूराम की तीन एकड़़ जमीन, राधेश्याम पुत्र बदलूराम की करीब दो एकड़ जमीन को श्रद्धानंद वासी गांव चांगरोड ने अपने नाम गलत तरीके से चढ़वा रखा है।
बैंक खाता व मोबाइल नंबरों की जांच करें किसान
सभी किसान क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपने-अपने बैंक खाता व मोबाइल नंबर की जांच कर लें। अपनी डिटेल की जांच https://ekharid.haryana.gov.in/Grievance/FarmerSearch.aspx पोर्टल पर कर सकते हैं। अगर कोई गड़बड़ी मिलती है तो वे तुरंत प्रभाव से अपने क्षेत्र के तहसीलदार या एसडीएम को दें। शुरुआती तौर पर छानबीन में इस तरह का फर्जीवाड़ा करने की कोशिश की गई है। ऐसे में आशंका जताई गई है कि ऐसे मामले अन्य गांवों सहित प्रदेशभर में हो सकते हैं। इसके चलते खराबे का मुआवजा संबंधित किसान को मिलने में परेशानी हो सकती है। यह भी आशंका है कि इस तरह का फर्जीवाड़ा गांव में अनाज का व्यापार करने वाले लोगों द्वारा किया जा रहा है, क्योंकि उन्हें पता है कि कौन किसान जागरूक नहीं है और उसकी कितनी जमीन है और कितनी बटाई पर लेकर बिजाई कर रहा है।
चरखी दादरी में आए मामले सामने
अभी तक ऐसे मामले जिला चरखी दादरी में सामने आए हैं। अभी इस आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता कि अन्य जिलों में भी इस प्रकार के मामले हो सकते हैं। उन्होंने जिले के किसानों को आगाह करते हुए अपील की है कि वे अपना बैंक खाता व मोबाइल नंबर चेक करें। अगर कोई दिक्कत आती है तो उसकी जानकारी तहसीलदार या एसडीएम को दें।
- मोनिका गुप्ता, डीसी