खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच को लेकर अब नारनौल और आसपास के जिलों के लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। प्रदेश सरकार ने नारनौल में नई खाद्य प्रयोगशाला खोलने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने राज्य बजट में इस परियोजना को शामिल करते हुए इसकी औपचारिक घोषणा की।
अभी तक नारनौल सहित दक्षिण हरियाणा के जिलों से लिए जाने वाले खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए करनाल भेजे जाते थे। सैंपल भेजने और जांच प्रक्रिया पूरी होने में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को रिपोर्ट मिलने में करीब 15 से 20 दिन का समय लग जाता था।
प्राकृतिक व जैविक कृषि उपज बेचने के लिए खुलेगी मंडी
नारनौल में प्राकृतिक व जैविक किसानों को कृषि उपज बेचने के लिए मंडियों में जगह उपलब्ध करवाई जाएंगी। साथ ही, परीक्षण के लिए प्रयोगशालाएं तथा प्रमाणीकरण के लिए एपीडा की ओर से मान्यता प्राप्त स्तर के केंद्र स्थापित किए जाएंगे। किसानों को अपनी प्राकृतिक व जैविक कृषि उपज बेचने के लिए बेहतर बाजार मिल सकें।
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जिले में नई खाद्य प्रयोगशाला खोलने का फैसला किसानों के लिए विशेष तोहफा है। वहीं हरियाणा एग्री डिस्कॉम योजना से किसानों को बिजली कनेक्शन के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। किसानों को तीन-तीन साल लंबा इंतजार करना पड़ता था अब राहत मिली है।
-रोहताश स्वामी, किसान, गांव मंढियाली, महेंद्रगढ़
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सरकार की ओर से नारनौल मंडी में जैविक किसानों के लिए उपज बेचने पर विशेष ध्यान देना सही बात है। इससे किसानों को उपज बेचने पर लाभ मिलेगा। डेयरी व अन्य स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के लिए विशेष प्रावधान किसान को मजबूत बनाएगा।
-जयसिंह, किसान, गांव अगिहार, महेंद्रगढ़