नारनौल। भारतीय खाद्य संरक्षा व मानक प्राधिकरण की देखरेख में प्रदेश में फूड सेफ्टी एक्ट लागू है। ऐसे में दूध व मिठाई विक्रेताओं को अपनी दुकानों का पंजीकरण करवाना जरूरी है। गैर पंजीकृत दुकानों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
जिले में जुलाई के प्रथम सप्ताह में अब तक फूड एंड सेफ्टी कोर्ट के केसों में 3 लाख 99 हजार 993 रुपए का जुर्माना लगाया गया। इनमें 2 मिसब्रांडेड, 5 अवमानक व 3 अपंजीकृत के केस शामिल है। अतिरिक्त उपायुक्त दीपक बाबूलाल करवा ने बताया कि फूड सेफ्टी एक्ट के तहत दुकानदारों का लाइसेंस-रजिस्ट्रेशन जरूरी है। बिना लाइसेंस-रजिस्ट्रेशन के कोई भी दुकानदार कारोबार नहीं कर सकेगा। यदि वह अवैध रूप से कारोबार करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि लाइसेंस की कैटेगरी अलग-अलग हैं। फीस भी उसी हिसाब से लगेगी। इसमें केवल वे किसान हद के बाहर रखे गए हैं जो खेत से ही खाद्यान्न का बिक्री का धंधा करते हैं। एडीसी ने दुकानदारों से आह्वान किया कि वह अपनी दुकानों पर गुणवत्ता का विशेष ख्याल रखें। कोई भी सामान निर्धारित तिथि के बाद ना बेचा जाए।