महेंद्रगढ़-नारनौल। तीन दिन तक हुई बारिश के बाद शुक्रवार की रात से शनिवार की सुबह तक घना कोहरा छाया रहा। सुबह दस बजे के बाद धूप हुई तो किसान खेतों में सरसों कटाई में जुट गए। बीच-बीच में बदली होती रही। 25 मार्च से हल्की बूंदाबांदी की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में किसान सरसों की कटाई में जुटे हैं।
जिले में 2.72 लाख एकड़ में सरसों की फसल है। 80 प्रतिशत फसल की कटाई पूरी हो चुकी है। 70 हजार एकड़ में गेहूं की पकाव के अंतिम चरण में है। एक सप्ताह अगर मौसम ठीक रहता है तो अगैती गेहूं की कटाई भी शुरू हो जाएगी।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि शनिवार को एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होने से क्षेत्र में बादलवाही बनी हुई है। आगामी दिनों में उत्तरी हवाओं से क्षेत्र के तापमान में भी गिरावट बनी रहेगी।
25 मार्च व 28 मार्च को एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से क्षेत्र में मार्च माह के अंतिम दिनों में बारिश, आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है। शनिवार को नारनौल में न्यूनतम तापमान 11.5 व अधिकतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज की गई।
दूसरा पश्चिमी विक्षोभ 25 मार्च रात्रि को सक्रिय होने से प्रदेश में 26 व 27 मार्च को आंशिक बादलवाई, हवाएं चलने तथा कहीं कहीं छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना है।
शुक्रवार को हुई बारिश के बाद न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और 11.5 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ नारनौल की रात चंडीगढ़ व करनाल के बाद प्रदेश में सबसे ठंडी रही।
सरसों के अंकुरित होने की आशंका
क्षेत्र में सरसों कटाई का कार्य किया जा रहा है। अधिकतर स्थानों पर किसानों ने सरसों खेत में एकत्रित की हुई है। बुधवार व शुक्रवार को हुई बारिश से सरसों भीग गई है जिससे अब सरसों के अंकुरित होने की आशंका है। वहीं तेज हवाओं के कारण खेतों में सरसों की फसल बिछ गई है, जिससे पैदावार प्रभावित होने की संभावना भी है। किसान संगठनों ने गिरदावरी करवा फसल के मुआवजा की मांग भी की है।
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वर्जन :
हल्की मध्यम बारिश गेंहू की फसल के लिए लाभकारी है। ओलावृष्टि से फसलों की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बना रहता है। किसान कृषि विभाग द्वारा जारी मौसम की सूचना के अनुसार ही कृषि कार्य करें और सरसों की कटाई कर सुरक्षित एकत्रित करें।-देवेंद्र सिंह, उपनिदेशक, कृषि विभाग, नारनौल।