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Mahendragarh-Narnaul News: मौसम बदलाव से बढ़े आई फ्लू के मरीज, अस्पताल में विशेषज्ञ नहीं

Mon, 24 Jul 2023 12:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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नारनौल। मानसूनी बारिश में जलजनित बीमारियां फैलने लगी हैं, जिनका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने लगा है। बारिश के चलते जिले में आई फ्लू (आंखों में संक्रमण) रोग लोगों में तेजी से फैल रहा है। विशेष रूप से बच्चे इस संक्रमण की चपेट में अधिक आ रहे हैं।
नागरिक अस्पताल नारनौल में नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण निजी अस्पतालों में इस संक्रमण के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। एक निजी अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 50 के करीब मरीज इस संक्रमण के आ रहे हैं, जबकि नारनौल शहर में 4-5 आंखों के अस्पताल हैं। इस प्रकार प्रतिदिन 200-250 मरीज निजी अस्पतालों में आंखों की जांच के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं।
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बारिश के बाद से क्षेत्र में आई फ्लू रोग तेजी से फैल रहा है। विशेषकर यह संक्रमण बच्चों में अधिक देखने को मिल रहा है। बारिश के सीजन में नमी के कारण बैक्टिरिया और वायरस अधिक मात्रा में एक्टिव हो जाते हैं। इसकी वजह से आंखें लाल होने के साथ ही उसमें सूजन हो जाती है। इस तरह के मामले ज्यादातर स्कूलों से आ रहे हैं, क्योंकि कक्षा में किसी एक बच्चे में फैला यह संक्रमण संपर्क में आए दूसरे बच्चों में जल्दी फैलता है।
एक जुलाई से कोई नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं
नागरिक अस्पताल में पिछली एक जुलाई से कोई नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं है। इस कारण आंखों के मरीजों को निजी अस्पताल में इलाज करवाना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग लोगों की समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। वर्तमान में निजी अस्पतालों में प्रतिदिन 50-60 मरीज आई फ्लू के आ रहे हैं। यह संख्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। मगर नागरिक अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण लोग निजी अस्पतालों में इलाज करवाने को मजबूर है।
कैसे फैलता है आई फ्लू संक्रमण
शुरुआत में आंखों में जलन होती है। आमतौर पर यह एक एलर्जिक रिएक्शन की वजह से होता है। मगर कई मामलों में बैक्टीरिया संक्रमण के कारण भी होता है। इससे श्वसन तंत्र, नाक-कान और गले में भी वायरल कंजंक्टिवाइटिस हो जाता है। संक्रमण की शुरुआत एक आंख से ही होती है, लेकिन जल्द ही दूसरी आंख भी चपेट में आ जाती है। यह संक्रमण बच्चों में अधिक फैलता है।
आई फ्लू के लक्षण

आई फ्लू में आंंखें लाल हो जाती हैं। आंखों से पानी बहने लगता है। तेज जलन होती है। पलकों पर पीला और चिपचिपा तरल जमा होने लगता है। आंखों में चुभन होती है और सूजन आ जाती है। आंखों में खुजली भी होती है। संक्रमण अधिक बढ़ने से आंखों में हेमरेज, किमोसिज हो जाता है, पलकों में सूजन आ जाती है।
यह बरतें सावधानी

वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश गोयल ने बताया कि बरसात के मौसम में यह संक्रमण अधिक फैलता है। इसलिए हाथों को नियमित रूप से साबुन से साफ करते रहें। आंखों की साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें। आंखों को ठंडे पानी से बार-बार धोएं। किसी भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। संक्रमित आंख को छुएं, तो हाथ अच्छे से साफ करें। गंदगी और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। संक्रमित व्यक्ति की चीजें जैसे चश्मा, तौलिया व तकिया न छुएं और न ही किसी के साथ साझा करें।
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यह संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में जल्दी फैलता है। यह संक्रमण बच्चों में अधिक फैल रहा है। इसलिए बच्चों को इस संक्रमण से बचाएं। आई फ्लू से प्रभावित बच्चों को स्कूल न भेजें, क्योंकि इससे दूसरे बच्चों को भी यह संक्रमण हो सकता है। संक्रमण होने पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लें।
-डॉ. मुकेश गोयल, नेत्र रोग विशेषज्ञ नारनौल।
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