केंद्र की यूपी-2 सरकार की तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी ने अलवर से चरखी दादरी रेलवे लाइन की सर्वे की घोषणा की थी उसके बाद एनडीए की सरकार ने 2014 में अपने पहले आधे बजट में महेंद्रगढ़ से रेवाड़ी रेलवे लाइन को डबल ट्रैक करने की घोषणा की। दोनों ही घोषणाएं क्षेत्रवासियों के लिए घोषणा बनकर रह गईं हैं। वर्तमान सरकार ने किसी भी घोषणा को अमलीजामा नहीं पहनाया। महेंद्रगढ़-भिवानी के सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह को अभी तक इस घोषणा तक की जानकारी नहीं है। जबकि इस घोषणा को लेकर प्रदेश के शिक्षामंत्री एवं महेंद्रगढ़ के विधायक प्रो. राम बिलास शर्मा रेल मंत्री सुरेश प्रभु से कई बार मिल चुके हैं, उन्हें भी मंत्री से केवल आश्वासन ही मिला है। क्षेत्र की जनता ने केंद्र सरकार पर जो उम्मीद जताई थी सरकार उस पर खरा नहीं उतर पाई है।
आपको बता दें कि अगर अलवर से चरखी दादरी रेलवे लाइन बन जाए और रेवाड़ी से महेंद्रगढ़ तक डबल ट्रैक हो जाए दक्षिण हरियाणा के इस पिछड़ेपन की तरक्की के रास्ते खुल जाएंगे। साथ ही यहां के लोगों को प्रदेश के अन्य शहरों से रेलमार्ग द्वारा जुड़ने का सपना भी पूरा हो जाएगा। दूसरा महेंद्रगढ़ जिला राजधानी चंडीगढ़ से जुड़ जाएगा। लोगों को इस रेल लाइन के सर्वे की भाजपा सरकार से आस थी लेकिन अब तक वह पूरी नहीं हो पाई है। लाइन बिछने से प्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ राजस्थान के लोगों को भी इसका फायदा होगा।
यूं तो रेल मंत्रालय लोगों की सुविधा के लिए नित नई योजनाएं शुरू कर रहा है। किंतु इस पिछड़े क्षेत्र के लोगों को रेल यात्रा से जो सुविधाएं मिलनी थी अभी तक नहीं मिल पाई है। वैसे तो रेलवे ने देश के हर क्षेत्र में रेल लाइनों का जाल बिछाया हुआ है किंतु अलवर से वाया बहरोड़, नारनौल, महेंद्रगढ़ चरखी दादरी तक के रेल यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं है। इससे जिले के लोगों को दादरी, रोहतक, भिवानी, और हिसार आने-जाने में परेशानी होती है। जिले के नागरिकों तथा दैनिक यात्रियों की बार-बार मांग उठाने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
कई बार किया धरना प्रदर्शन:
दैनिक रेलयात्री संघ ने अनेकों बार धरना प्रदर्शन करके इस लाइन का सर्वे करवाने और दिल्ली-सादलपुर लाइन पर नई रेल गाडिय़ां, चलाने की मांग करते रहे है। परंतु न तो अभी तक इस रेल लाइन का सर्वे किया गया तथा न ही सराय रोहिल्ला दिल्ली सादलपुर रेलमार्ग पर नई गाडिय़ां चलाई गई है। जिसके चलते व्यापारियों, विद्यार्थियों सैनिकों, एवं कर्मचारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी है।
भाजपा सरकार से उम्मी थी कि अति शीघ्र पूर्व में घोषित रेलवे योजनों पर काम होगा। किंतु यह सरकार भी यूपीए सरकार की तरह घोषणा ही कर रही है। धरातल पर कुछ नहीं है। अगर अलवर से चरखी दादरी बन जाती है तो क्षेत्रवासियों को काफी फायदा होगा।-रमेश वर्मा, रेलयात्री।
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राजनीति घोषणाएं मात्र घोषणाएं रह जाती है। उन पर अमल कम होता है। यूपीए-2 सरकार में अलवर चरखी दादरी की घोषणा और महेंद्रगढ़ रेवाड़ी डबल ट्रेक दोनों ही घोषणाओं पर काम शुरू नहीं हुआ है। अगर दोनों घोषणा पूरी हो जाए, तो क्षेत्र के तरकी के रास्ते खुल जाएंगे।- रेलयात्री श्रीगोपाल कौशिक, सतनाली।
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नेता केवल वोट लेने के लिए घोषणा करती है। वोट के बाद वो अपनी घोषणा भूल जाते हैं। अगर इस ट्रेक को सरकार बनवाती है तो रेलवे बोर्ड को पूरा लाभ मिलेगा। इससे कई गांवों को फायदा होगा। सरकार से हम मांग करते हैं कि जल्द इस पर कार्रवाई करें।-चेतराम नागर, रेलयात्री।