फोटो नंबर- 27दीवार के सहारे रखी खराब बेंच व अन्य सामान और पढ़ते बच्चे। संवाद
नारनौल। शहर के शिव नगर की राजकीय प्राथमिक पाठशाला में पिछले करीब तीन वर्षों से बच्चों को स्कूल भवन की सुविधा नहीं मिल रही है। कक्षा पहली से पांचवीं तक के 57 बच्चे एक ही कमरे में पढ़ने को मजबूर हैं। पांचों कक्षाओं की पढ़ाई एक साथ होने के कारण बच्चों को बैठने और पढ़ाई करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है।
स्कूल में जगह की कमी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस कमरे में बच्चे पढ़ाई करते हैं, उसी में उनके लिए मिड-डे-मील भी तैयार किया जाता है। बच्चों के बैठने वाली बेंचों के पास ही टूटी-फूटी बेंचें और कबाड़ का सामान दीवार के सहारे रखा हुआ है। इससे कभी भी सामान गिरने का खतरा बना रहता है और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कमरे में डिजिटल पढ़ाई के लिए स्मार्ट एलईडी पैनल भी लगाया गया है, लेकिन उसके नीचे फर्श पर रसोई गैस सिलेंडर, पानी के मटके और खाना बनाने के बर्तन रखे हैं। ऐसे में एक ही कमरे में पढ़ाई, खाना बनाने और सामान रखने की व्यवस्था चल रही है।
2022 में भवन को घोषित किया था जर्जर
पाठशाला के पुराने भवन को पीडब्ल्यूडी ने 31 मार्च 2022 को जर्जर घोषित कर दिया था। इसके बाद भी करीब डेढ़ साल तक बच्चे उसी भवन में पढ़ते रहे। जुलाई 2023 में स्कूल को बीएलओ कार्यालय के एक कमरे में शिफ्ट कर दिया गया। तब से बच्चे इसी कमरे में पढ़ाई कर रहे हैं।करीब तीन साल पहले यहां 90 बच्चे पढ़ते थे, लेकिन अब संख्या घटकर 57 रह गई है। यानी बच्चों की संख्या में करीब 40 प्रतिशत की कमी आई है।
वर्जन :
शिव नगर प्राइमरी स्कूल के नए भवन का एस्टीमेट बनकर तैयार है और बजट मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा गया है। बजट आते ही निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। शिव नगर से नजदीकी बनी रहे, इसके लिए पाठशाला को बीएलओ कार्यालय में शिफ्ट किया गया था।
-अशोक कुमार शर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, नारनौल