नारनौल। पहले पानी किल्लत ने रुलाया और अब दूषित जल लोगों की परेशानी का सबब बना हुआ है। शनिवार सुब शहर के अनेक मोहल्लों में दूषित पानी की आपूर्ति की गई। लोगों ने बताया कि पानी इतना दूषित था कि पीना तो दूर नहाने का मन भी नहीं कर रहा था। विभाग के पास पानी को साफ व फिल्टर करने के सभी इंतजाम है तो पानी को साफ करके ही आपूर्ति करना चाहिए था।
शहर में गत सप्ताह जनस्वास्थ्य विभाग के टैंक खाली हो जाने पर तीन-चार दिन से पानी की आपूर्ति में कटौती चलती रही थी। नसीबपुर व रेवाड़ी रोड पानी के टैंक खाली हो जाने पर बनी समस्या को अमर उजाला ने एक अगस्त के अंक में शहर के जलघर सूखे 5 दिन बाद ही नहर में आएगा पानी शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर प्रमुखता से उठाया था।अगले दिन रात काे ही नहर में पानी आ गया था। अब नहरी पानी आ जाने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग ने अपने टैंक को भरना शुरू कर दिया। वहीं शनिवार को सुबह शहर में पानी की आपूर्ति तो की की गई, किंतु दूषित पानी ने लोगों की परेशानी को कम करने के बजाय बढ़ा दिया।
सुबह जो नल में पानी आया था, वह बहुत ही गंदा था। हमने बगैर देखे मोटर चला दी, अब घर की टंकी में जाे पहले का पानी था, वह भी गंदा हो गया। पानी पीने लायक तो क्या नहाने के लायक भी नहीं था। पानी को देखकर ऐसा लग रहा था, मानों नहर का पानी सीधा आपूर्ति कर दिया गया है।
-आशा माना
तीन-चार दिन के बाद आज सुबह नल में पानी ठीक से सप्लाई किया गया। परंतु जो पानी आया वह बहुत गंदा था, जिसका किसी भी प्रकार से उपयोग नहीं किया जा सका। सावन का महीना चल रहा है। बर्तन साफ करने के बाद जब भगवान शंकर का जलाभिषेक करने के लिए पानी भरा तो काफी परेशानी हुई।
-जयप्रकाश बारी
वर्जन:
हमारे वाटर टैंक खाली थे, पानी अभी आया है। इसी कारण हो सकता है कुछ स्थानों पर दूषित पानी की आपूर्ति हो गई हो क्योंकि पानी टैंकों में बिल्कुल खत्म हो गया था। कल से ब्लीचिंग पाउडर की मात्रा भी बढ़ा दी जाएगी।
-नितिन जेई, जनस्वास्थ्य विभाग, नारनौल