लॉकडाउन के दौरान पशु पालकों के लिए अच्छी खबर है। पशु पालक टेलीमेडिसिन के जरिए पशुओं की बीमारी संबंधी जानकारी ले सकेंगे। इसका सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव ने मंगलवार को अपने कार्यालय से ऑनलाइन शुभारंभ किया। इसे उपनिदेशक कार्यालय पशुपालन विभाग नारनौल में स्थापित किया गया है। यह हरियाणा की पहली पशु टेलीमेडिसिन सुविधा (ई-पशु चिकित्सा) है।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से लैब का उद्घाटन करते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की यह प्रदेश की नारनौल में पहली लैब होगी। उन्होंने कहा कि पशुपालक अपने पशुओं की बीमारियों से संबंधित जानकारियां व अन्य बातें नारनौल उप स्वास्थ्य केंद्र में आकर या मोबाइल से विभाग द्वारा जारी लिंक पर जाकर लाला लाजपतराय यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ चिकित्सकों से जानकारी ले सकते हैं। किसी भी तरह की पशुओं में बीमारी की रोकथाम, दवाई व अन्य जानकारी इस सुविधा से ले सकते हैं। इस तरह की पशु टेलीमेडिसिन सुविधा (ई-पशु चिकित्सा) का केंद्र नारनौल में खुलने से पशुओं की चिकित्सा सुविधा व अन्य जानकारियां उपलब्ध करवाने के मामले में नारनौल पहला शहर होगा।
राज्यमंत्री ओपी यादव ने कहा कि तीन लाख से अधिक सीएससी ने सरकार की डिजिटल इंडिया पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का पशु टेलीमेडिसिन सुविधा (ई-पशु चिकित्सा) केंद्र के लिए नारनौल शहर को चुनने के लिए आभार व्यक्त किया। इस मौके पर हरियाणा सरकार के पशु पालन विभाग के प्रधान सचिव वी राजा शेखर व निदेशक डॉ. ओपी छिक्कारा ने सीएससी वीएलई के प्रयासों की सराहना की। इस मौके पर विभाग के डॉ. नसीब सिंह, देवेंद्र सिंह, प्रदीप यादव, रमेश कटारिया, मेजर ईश्वर सिंह व गजेंद्र यादव आदि उपस्थित थे।
कैसे काम करेगी
ई-पशु चिकित्सा में तैनात डॉक्टर वीडियो कॉल के जरिए पशु को देखकर दवा लेने के बारे में सलाह दे सकते हैं। ऐसे में लॉकडाउन में लोग अपने पशुओं के उपचार संबंधी जानकारी मोबाइल पर ले सकते हैं। डॉ. नसीब सिंह ने कहा कि कोई भी पशुपालक वीडियो कॉल पर सेंटर से जरूरी जानकारी ले सकेंगे।