नारनौल। शहर व आसपास के युवाओं को अब महंगी किताबें खरीदने की जरूरत नहीं रहेगी। कोरोना से निपटने के बाद जिला लाइब्रेरी को डिजिटल बनाने का काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए सभी तैयारियां भी पूरी हो चुकी हैं। पूरे हरियाणा में नारनौल जिले का चयन इसके लिए हुआ है। इसके लिए केंद्र सरकार से बजट आएगा। इस परियोजना में यहां पर कंप्यूटर व सॉफ्टवेयर इस तरह लगाए जाएंगे कि सभी किताबें आसानी से ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगी। इसके लिए वेबसाइट बनेगी जिस पर कोई भी नागरिक इन किताबों को ऑनलाइन पढ़ सकेगा। खास बात यह रहेगी कि इस डिजिटल लाइब्रेरी में प्रतियोगिता की तैयारियों के साथ-साथ ऐतिहासिक पुस्तकों को भी अपलोड किया जाएगा। डिजिटल लाइब्रेरी में नेत्रहीनों के लिए अलग से कंप्यूटर लगाए जाएंगे। इनके की बोर्ड में ब्रेल लिपि का प्रयोग होगा। इस लाइब्रेरी के सही सेटअप के लिए किसी मॉर्डन लाइब्रेरी की विजिट भी की जाएगी।
15 हजार से ज्यादा किताबें होगी अपलोड
शहर में 1960 में लाइब्रेरी का निर्माण हुआ था। ऐसे में उस दौर की कुछ ऐसी किताबें भी होंगी जो अनोखी होंगी। जिला लाइब्रेरी में लगभग 15 हजार किताबें हैं। जो किताबें आज के दौर में भी कामयाब हैं उनको पहले अपलोड किया जाएगा।
सारी प्रकिया कोरोना के चलते रुकी हुई हैं। अपलोड का कार्य चल रहा है। लाइब्रेरी युवाओं के लिए काफी लाभदायक होगी ऐसी। इसमें धार्मिक के साथ-साथ सिलेबस की सामग्री भी मिलेगी।
-अजय कुमार, उपायुक्त