जिले में मृत्यु भोज जैसे गैर जरूरी सामाजिक समारोह करने वालों के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाए। जिस प्रकार से जिला में कोविड-19 के केस बढ़ रहे हैं, उससे हम दोबारा लॉकडाउन की स्थिति में पहुंच सकते हैं। यह हमारे लिए बहुत ही कष्टदायक स्थिति हो जाएगी। ये निर्देश उपायुक्त आरके सिंह ने आज लघु सचिवालय में कोविड-19 के संबंध में जिला के सभी इंसिडेंट कमांडर अथवा एसडीएम व अन्य अधिकारियों को बैठक में दिए।
डीसी ने स्पष्ट किया कि कोविड-19 के संबंध में भारत सरकार की गाइडलाइन की पूरी तरह से पालना होनी चाहिए। अगर कहीं भी इन गाइडलाइन का उल्लंघन हो रहा है तो इंसिडेंट कमांडर की जिम्मेदारी है कि वे तुरंत एफआईआर दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों शादियों व अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के कारण लोग संक्रमित हुए हैं। इतना ही नहीं लोग इस महामारी के दौर में भी मृत्यु भोज जैसे गैर जरूरी कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। इस पर जिला में पूरी तरह से रोक लगनी चाहिए। बाहर निकलने पर मास्क पहनना होगा। यह तभी होगा जब सभी इंसिडेंट कमांडर पूरी सख्ती बरतेंगे। इस बैठक में एसडीएम महेंद्रगढ़ विश्राम कुमार मीणा, एसडीएम नारनौल मनीष फोगाट, एसडीएम कनीना रणवीर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अशोक कुमार के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद थे।
ट्रैवल हिस्ट्री छुपाने वालों पर भी होगी एफआईआर
उपायुक्त आरके सिंह ने इस बैठक में स्पष्टल किया कि अगर कोई नागरिक अपनी ट्रैवल हिस्ट्री के बारे में कुछ छुपा रहा है तो उसके खिलाफ भी महामारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाए। सीएमओ डॉ. अशोक कुमार द्वारा इस बैठक में इस समस्या को उठाए जाने पर डीसी ने स्पष्ट किया कि यह बहुत ही गंभीर मामला है।