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Mahendragarh-Narnaul News: वित्त वर्ष शुरू, आज से 12 लाख रुपये तक टैक्स फ्री जैसे कई नियम होंगे लागू

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फोटो नंबर-10पवन अग्रवाल। व्यापारी
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नारनौल। एक अप्रैल 2025-26 से नए वित्त वर्ष का आरंभ हो रहा है। नए वित्त वर्ष में केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा बजट में जारी किए गए प्रावधान लागू होंगे, जिसमें 12 लाख रुपये आय तक टैक्स फ्री भी शामिल है। इसके तहत यदि किसी व्यक्ति की वार्षिक आय 12 लाख रुपये तक है तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। वहीं, स्वास्थ्य बीमा, जीवन बीमा, संस्था को डोनेशन सहित अनेक मामलों में राहत मिलनी बंद हो जाएगी।
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राहत के लिए पुराने नियम के अनुसार ही टैक्स भरना होगा। लोग अपनी इच्छानुसार नए व पुराने नियम का चुनाव भी कर सकते हैं। हालांकि, नौकरीपेशा लोग हर साल चुनाव कर सकते हैं कि वो किस नियम से टैक्स भरेंगे, लेकिन व्यापारी वर्ग के लोग अगर एक बार पुराने नियम के स्थान पर नए नियम के तहत टैक्स जमा करते हैं तो वह दोबारा पुराने नियम का चयन नहीं कर सकते। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए एफडी पर टीडीएस छूट को बढ़ाया गया है। यह 50 हजार से बढ़ाकर अब एक लाख रुपये कर दी है। इसके अलावा भी नए वित्त वर्ष लोगों को अनेक सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।

एक अप्रैल को ही क्यों होता है वित्त वर्ष आरंभ
एक अप्रैल को ही वित्त वर्ष आरंभ होने के अनेक कारण है, जिसमें सबसे ज्यादा प्रमाणित है कि विक्रम संवत की शुरूआत पर वित्त वर्ष का आंरभ होता है। वहीं, दूसरा यह कि हमारा देश कृषि प्रधान देश है और मार्च माह के अंत तक रबी फसल की कटाई हो जाती है। खरीफ फसल की बुआई की तैयारी की जाती है। जिस कारण अंग्रेजों के शासन काल से अब तक एक अप्रैल से वित्तीय वर्ष का लेखा-जोखा तैयार किया जाता है।
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आय के स्रोत बढ़ाने के साथ-साथ पैसों का प्रबंधन भी आवश्यक है। आय और खर्च के बाद बचत के अनुरूप अधिक मुनाफे के लिए निवेश किया जा सकता है। यदि बचत अधिक है तो जमीन और गोल्ड जैसे पारंपरिक निवेश कर सकते हैं और पांच से दस साल बाद बेहतर मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, यदि बचत सीमित है तो बच्चों के लिए कुछ बेहतर टर्म प्लान और बेहतर रिटर्न वाली एफडी और फंड में नियमित निवेश कर सकते हैं और भविष्य की योजनाएं बना सकते हैं।
-विकास अग्रवाल, सीए नारनौल।

मैं कपड़ों का थोक व खुदरा व्यापार करता हूं, पिछले कुछ वर्षों में व्यापार करने के तरीके में बहुत से बदलाव हुए हैं। ऑनलाइन पेमेंट से व्यापार करना आसान हुआ है। वहीं, कागजी कार्रवाई ज्यादा होने के अधिक समय खर्च होता है। गत वित्त वर्ष आय के हिसाब से ठीक रहा था। उम्मीद है आगामी वित्त वर्ष भी बेहतर साबित होगा। ऑनलाइन व्यापार के कारण छोटे और खुदरा व्यापारियों को व्यापार प्रभावित हो रहा है। इसलिए ऑनलाइन व्यापार पर कुछ नियम अवश्य लागू होने चाहिए।
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-पवन अग्रवाल, व्यापारी।
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