बालाजी चौक पर राखी को देखती युवती
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महेंद्रगढ़। रक्षाबंधन को लेकर बाजार में खरीदारी तेज हो गई है। इस बार बाजार में ग्राहक देसी राखियों की डिमांड कर रहे हैं। दुकानों में ग्राहक पहुंचते सबसे पहले यही पूछते हैं भैया देसी राखी ही देना, ये चीन की तो नहीं है। इस बार बाजार में चीनी राखी उपलब्ध नहीं है। अधिकतर दुकानों में पूरा माल स्वदेशी होने का दावा दुकानदार कर रहे हैं। डोरे वाली राखियां बहनों की पहली पसंद बनी हैं। बाजार में पांच रुपये से लेकर 500 रुपये तक की राखियां बिक रही हैं।
बाजार में पहले ग्राहक चीनी आइटम ही पसंद करते थे। सस्ते और आकर्षक होने से ग्राहकों की पहली पसंद थे। एलएसी पर चीन के साथ भारत का विवाद होने पर चीन के सामान को लोगों ने बहिष्कार करना शुरू कर दिया है। बाजार आए ग्राहकों ने बताया कि हमें तो अब भारत से बनी चीजें ही चाहिए। भले ही वह मंहगी रहे, पर अपने देश का मान, स्वाभिमान तो रखना होगा। इसके लिए हमें कुछ भी करना पड़े। हम करने को तैयार हैं।
दुकानदार मुकेश, विनोद कपूर ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने त्योहार को देखते हुए दिल्ली से स्वदेशी राखियां ही मंगवाई हैं। जो बिक रही है। चीन से नग, पत्थर, धागा आदि आता था। जिन्हें भारत में असेंबल कर लिया जाता था। इस बार ज्वेलरी के आइटम से राखियां बनाई गई है। दुकानदारों के अनुसार पहले हम राखी की खरीदारी करने के लिए दिल्ली स्वयं जाते थे। सामने देखकर ही खरीदारी करते थे। पर इस बार व्हाट्सएप से नमूने भेजे गए थे। उन्हें ही देखकर हमने अपनी डिमांड के हिसाब से आर्डर दिया। लॉकडाउन की वजह से दिल्ली जाकर खरीदारी नहीं कर सके। इस बार दिल्ली से राखी कम आ पाई हैं।
जल्दबाजी में हो रही खरीद
बाजार में पिछले तीन चार दिनों से अच्छी खासी भीड़ देखी जा रही है। दुकानदारों ने बताया कि लोगों को यह लग रहा है कि त्योहार को देखकर दोबारा से कुछ समय के लिए लॉकडाउन लगने की आशंका है। जिले तथा शहर में कोरोना केस लगातार बढ़ रहे हैं। इस कारण पहले से ही खरीदार प्रारंभ कर दी गई है। इस बार पांच दिन पहले से ही लोग खरीदारी कर रहे हैं। रविवार को बाजार बंद रहते हैं। इस कारण भी ग्राहक पहले ही खरीदारी कर रहे हैं।
ग्राहक भूल रहे शारीरिक दूरी
बाजार में राखी खरीदने पहुंच रहे ग्राहकों के कारण काफी भीड़भाड़ है। शारीरिक दूरी के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। बाजार में प्रवेश करने के बाद ग्राहक कोरोना संक्रमण को भूल जाते हैं। मास्क लगाना, शारीरिक दूरी का पालन कराना दुकानदारों के लिए भी चुनौती बन गया है।