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Mahendragarh-Narnaul News: टैगिंग के विरोध में खाद-बीज विक्रेताओं की सांकेतिक हड़ताल, बंद रहीं दुकानें

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फोटो संख्या:57 कर्मवीर यादव
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महेंद्रगढ़। जिलेभर में सोमवार को खाद-बीज विक्रेता एसोसिएशन के आह्वान पर विक्रेताओं ने सांकेतिक हड़ताल करते हुए दोपहर दो बजे तक दुकानें बंद रखीं। इकिसानों को खाद और बीज लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। हड़ताल का कारण कंपनियों की ओर से टैगिंग के नाम पर अन्य सामान थोपने की नीति को बताया गया।
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खाद-बीज विक्रेताओं का कहना है कि खाद के साथ उर्वरक कंपनिया अन्य गैर जरूरी उत्पादों को जबरन थमा देने (टैगिंग) की व्यवस्था पूरी तरह से बंद होनी चाहिए। इस व्यवस्था के विक्रेताओं पर अनावश्यक बोझ घट सके। वहीं रिटेलर के गोदाम तक एफओआर व्यवस्था लागू की जाए ताकि ट्रांसपोर्ट का बोझ भी सीधे दुकानदारों पर न पड़े।
साथ ही उनकी मांग है कि उर्वरक (खाद) पर डीलर का मार्जिन 1.5 प्रतिशत से बढ़ाकर कम से कम 8 प्रतिशत किया जाए। वहीं कार्रवाई में निष्पक्षता की मांग को लेकर कहना है कि अगर कोई सैंपल फेल होता है, तो कानूनी कार्रवाई केवल निर्माता कंपनी पर हो, निर्दोष विक्रेताओं पर नहीं।
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दुकानदारों ने कहा कि उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए। विभागीय प्रक्रियाओं में पारदर्शी बदलाव हो और बेवजह का खाद-बीज विक्रेताओं का उत्पीड़न बंद किया जाए। इन सभी व्यवस्थाओं के कारण किसानों के साथ भी संबंध खराब हो रहे हैं।
बॉक्स
बीज और फर्टिलाइजर के साथ कंपनियां जबरन अन्य उत्पाद जोड़ देती हैं, जिन्हें खरीदना मजबूरी बन जाती है। कंपनियों की इस व्यवस्था से छोटे दुकानदार सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। सील बंद बीज, खाद और फर्टिलाइजर के सैंपल फेल होने की स्थिति में कार्रवाई विक्रेता के बजाय संबंधित कंपनी पर होनी चाहिए। -मंजीत सिंह, खाद-बीज भंडार संचालक
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विक्रेताओं ने टैगिंग प्रणाली पर रोक लगाने, डिलीवरी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, मार्जिन में बढ़ोतरी करने और जांच व कार्रवाई में पारदर्शिता व निष्पक्षता बनाए रखना उनकी मुख्य मांगें हैं। -कर्मबीर सिंह यादव, खाद-बीज विक्रेता

फोटो संख्या:57 कर्मवीर यादव

फोटो संख्या:57 कर्मवीर यादव

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