नगर के निजी अस्पतालों में डॉक्टर्स द्वारा भ्रूण लिंग जांच के मामले रुकने का नाम ही नहीं ले रहे। हर महीने कोई नहीं कोई मामला सामने आता जा रहा है। 17 मई को दो अस्पतालों की अल्ट्रासाउंड मशीनों को डीसील किया था। वहीं दो को शुक्रवार की सायं बंद कर दिया। शुक्रवार की देर रात्रि सीएमओ रेवाड़ी की टीम ने अपना डिकॉय पेशेंट भेजकर भ्रूण लिंग जांच को लेकर भवानी अस्पताल में छापामारी की।
छापामारी के दौरान टीम ने आरोपी महिला चिकित्सक से पांच हजार रुपये बरामद किए। इसके अलावा मेज की दराज से एक देशी कट्टा भी बरामद किया। टीम ने मशीन को सील कर दिया। पुलिस ने देशी कट्टे को कब्जे में ले लिया तथा आरोपी डॉ. संतोष यादव एवं डॉ. केएल गुप्ता को गिरफ्तार कर शनिवार को न्यायालय में पेश कर दिया। जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आपको बता दें कि इस अस्पताल की मशीन को तीसरी बार सील किया गया है।
-ऐसे की कार्रवाई
रेवाड़ी के सीएमओ सिविल सर्जन डॉ. जेके सैनी को सूचना मिली थी कि महेंद्रगढ़ में भ्रूण लिंग जांच किए जाते हैं। सीएमओ ने अपनी टीम गठित कर महेंद्रगढ़ के निजी अस्पताल में रेड मारने का निर्णय लिया। टीम में डॉ. भंवर सिंह, डॉ. हेमंत ग्रोवर शामिल थे। टीम का नेतृत्व सीएमओ डॉ. जेके सैनी ने किया। सीएमओ रेवाड़ी ने सीएमओ नारनौल तथा पुलिस प्रशासन से संपर्क साधा। इसके बाद उन्होंने रेवाड़ी की डिकॉय पेंशेंट बनाया, जिसको अपने देवर के साथ सीधे महेंद्रगढ़ के भवानी अस्पताल भेज दिया। टीम ने डिकॉय पेंशेंट को हजार-हजार रुपये के 20 नोट फोटो खींचकर दिए। पेंशट ने वहां बातचीत होने पर रुपये अस्पताल में जमा करा दिए। जब वह चेक करवाकर बाहर आई तो उसी दौरान टीम ने वहां रेड डाल दी और डॉ. संतोष यादव एवं डा. केएल गुप्ता को पकड़ लिया। टीम ने वहां से पेंशेंट द्वारा दिए केवल पांच हजार रुपये ही मिले, बाकी 15 हजार उन्हें नहीं मिल पाए। रेवाड़ी की टीम ने पांच हजार रुपये को उनके द्वारा नोटों की खीचीं गई फोटो से मिलान किया गया जो सही पाए गए। इस दौरान मेज की दराज से एक कट्टा भी बरामद भी किया। पुलिस ने दोनों आरोपी चिकित्सकों के खिलाफ पीएससी पीएनडीटी एक्ट तथा अर्माम एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया। आरोपियों को शनिवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस अवसर पर पीएससी पीएनडीटी के इंचार्ज डॉ. अश्वनी रोहिल्ला, डॉ. अशोक, डॉ. सुभानी, महेंद्रगढ़ के डीएसपी ओमप्रकाश, थाना प्रभारी अजित सिंह, सिटी इंचार्ज सतबीर सिंह आदि रेवाड़ी के स्वास्थ्य विभाग की टीम का साथ दिया।
17 मई को ही खोली थी मशीन की सील:
आपको बता दें कि नगर के दो निजी अस्पतालों की मशीनों को 17 मई को काफी विनती के बाद खोला था। भवानी अस्पताल पर पहले भी दो बार रेड की जा चुकी है। दोनों बार मशीनों को सील किया गया था। जिला उपायुक्त इनकी हरकतों को देखकर मशीन को डीसील करने के लिए डीले कर दिया था, लेकिन उसके बाद इन्होंने राज्य की भ्रूण हत्या कमेटी के आदेश मशीन को 17 मई को खोल दिया गया था।
नहीं भरा गया था फार्म:
भवानी अस्पताल की चिकित्सक डॉ. संतोष यादव ने पेशेंट का न तो फार्म नंबर छह भरा था और न ही ओपीडी और अल्ट्रासाउंड रजिस्टर पर इंट्री की हुई थी। बल्कि रुपये लेकर सीधी जांच करनी शुरू कर दी थी जो कि नियम के विरूद्ध है। महिला चिकित्सक ने रेवाड़ी स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा भेजी गई डिकॉय पेशेंट की जांच करने के बाद लड़का बताया और डिकॉय पेशेंट ने स्वयं की जांच होने की टीम के सामने हामी भी भरी। वरिष्ठ चिकित्सकों ने बताया कि नियमों के मुताबिक बीएएमएस चिकित्सक अल्ट्रासाउंड नहीं कर सकता, केवल रेडियोलॉजिस्ट या फिर अनुभवी एमबीबीएस डाक्टर ही अल्ट्रासाउंड कर सकता है।
तीन घंटे रहे अस्पताल में कैद:
रात्रि को भवानी अस्पताल में रेवाड़ी स्वास्थ्य विभाग की टीम के छापेमारी के दौरान अस्पताल को तीन घंटे तक बंद रखा। मरीज के अंदर वाले अटेंडेंट तीन घंटे तक कैद रहे। अस्पताल को रात्रि आठ बजे से 11 बजे तक अस्पताल को बंद रखा गया। पूरी मीडिया अस्पताल के खुलने का इंतजार करती रही। यहां तक अस्पताल में एडमिट मरीजों के अटेंडेंट्स को भी अंदर नहीं जाने दिया। पूरी कार्रवाई अस्पताल के अंदर चलती रही। यहां तक की रेवाड़ी की टीम तो मीडिया के सामने रूबरू भी नहीं हुई। लोकल चिकित्सकों की मदद से जानकारी हासिल की गई।
एक वर्ष में होंगे एक हजार लड़कों पर हजार लड़कियां:
सिविल सर्जन रेवाड़ी जेके सैनी ने दावा किया है कि अगले एक वर्ष में महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिलों में हजार लड़कों पर हजार लड़कियों का अनुपात होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम मनोहरलाल के इस अनुपात को सुधारने के सख्त आदेश हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए डिप्टी कमिश्नर, सीएमओ तथा जिला उपायुक्त सख्त हैं और अगले दो-तीन दिनों में एक दो जगह और छापेमारी हो सकती है।
- किसी को नहीं बख्शा जाएगा
इस संदर्भ में महेंद्रगढ़ के जिला उपायुक्त संजीव कुमार वर्मा ने बताया कि उनकी कुछ दिनों पहले मीटिंग हुई थी, जिसमें जिला उपायुक्त और स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ भी शामिल थे। उन्होंने बताया कि भ्रूण लिंग जांच के मामले में किसी को नहीं बख्शा जाएगा। इस मामले में सभी जिले एक दूसरे का सहयोग करेंगे तथा दूसरे राज्य का भी सहयोग किया जाएगा।