नारनौल। अमावस्या पर पितरों की शांति के लिए गौ सेवा की परंपरा है। शहर में बड़ी संख्या में लोग गायों को भोजन कराते हैं। गो सेवकों ने अपील की है कि गायों को पूरी की जगह रोटी, दलिया, चोकर व हरा चारा खिलाएं। श्री गोमाता युवा उपचार सेवा समिति के दीपक सर्राफ ने कहा कि तला-भुना भोजन गायों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। पूरियां खाने से पाचन संबंधी परेशानी होती है और कई गायें गोशाला में इलाज के लिए आती हैं। संवाद