महेंद्रगढ़ के किसानों ने बाजरे की कटाई के साथ-साथ थ्रेसिंग भी शुरू कर दी है। पिछले तीन दिनों से आसमान में छा रहे बादलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय किसान दिनरात खेतों में व्यस्त है। अगेती बाजरे की फसल की कटाई पूरी करके किसानों ने थ्रेसिंग भी शुरू कर दी है। पिछले दिन दिनों से आसमान में छाए बादलों को देख किसान ने कटाई के साथ-साथ थ्रेसिंग भी शुरू कर दी है। किसान तेजी से बाजरे की सिरटे तोड़कर सुखने के शीघ्र बाद ही थ्रेसिंग करने में जुट गया है।
दो अक्तूबर तक मौसम रहेगा परिवर्तनशील
कृषि मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी दो अक्तूबर तक मौसम परिवर्तनशील बने रहने की संभावना है। लेकिन इस दौरान आंशिक रूप से बदलवाई रहेगी। लेकिन मौसम खुश्क रहने तथा तापमान में हल्की वृद्धि के कारण बाजरे की फसल भी तेजी से खुकर थ्रेसिंग के लिए तैयार हो जाएगी। वातावरण में नमी की मात्रा में गिरावट किसानों के लिए राहत प्रदान करने वाली है। क्योंकि इस समय कटाई की गई बाजरे की फसल सुखने के बाद शीघ्रता से थ्रेसिंग के लिए तैयार हो जाती है।
अच्छी बारिश से रबी सीजन की जल्द शुरू हो जाएगी बिजाई
इस बार मानसूनी सीजन में गत वर्षों की तुलना में 49 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है जो रबी सीजन की बिजाई के लिए लाभदायक है। अक्तूबर माह के प्रथम पखवाड़े में मौसम अनुकूल होते ही अगेती सरसों की बिजाई शुरू हो जाती है। लेकिन इस बार अच्छी बारिश से किसानों को रबी सीजन की फसलों की बिजाई से पूर्व खेतों की सिंचाई भी कम करनी पड़ेगी। खेतों में कटाई का काम पूरा होने के शीघ्र बाद किसान खेत को खाली करके जुताई कर नमी भी बनाए रख सकते हैं।