अभी डेंगू व मलेरिया के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसकी वजह से स्वास्थ्य विभाग की टीम भी लगातार आमजन को जागरूक कर रही है, लेकिन नागरिक अस्पताल के अंदर बन रहे दो सौ बेड के अस्पताल में काफी समय से बारिश का पानी भरा हुआ है। इसमें लार्वा भी पनप रहा है।
हालांकि मलेरिया विभाग की तरफ से पानी में दवा डाली जा रही है, लेकिन काफी दूर में पानी भरने से डेंगू का खतरा बना हुआ है। इससे अस्पताल में ही नहीं बल्कि आसपास के घरों में रहने वाले लोगों के लिए भी खतरा बना हुआ है। यह हालात इस बार ही नहीं बल्कि तीन साल से बनी हुई है। भवन निर्माण कार्य कभी रुक जाता है तो कभी शुरू हो जाता है।
चार साल पहले करीब 24 करोड़ रुपये में भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन अब तक कार्य अधर में लटका हुआ है। अब भवन के बेसमेंट में बारिश का पानी भरा हुआ है, जो स्वास्थ्य विभाग के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
पीडब्ल्यूडी को दो बार भेजा जा चुका है नोटिस
मलेरिया विभाग की तरफ से दो बार पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) को निर्माणाधीन भवन से पानी बाहर निकालने के लिए नोटिस दिया जा चुका है, लेकिन पीडब्ल्यूडी की तरफ से अब तक न तो कोई वापस जवाब मिला है और न ही निर्माणाधीन भवन से पानी निकाला है। ऐसे में पीडब्ल्यूडी की तरफ निर्माणाधीन भवन का संज्ञान नहीं लिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दो बार पीडब्ल्यूडी को नोटिस दिया जा चुका है। इसके बावजूद भी निर्माणाधीन भवन से पानी नहीं निकाला जा रहा है। अगर फिर भी निर्माणाधीन भवन से पानी नहीं निकाला जाता है तो दोबारा अवगत करवाया जाएगा।
डॉ. धर्मेंद्र सांगवान, सिविल सर्जन, नारनौल।
अस्पताल परिसर में बन रहे दो सौ बेड के अस्पताल में पानी भरा हुआ है। मलेरिया विभाग की तरफ से समय समय पर दवा का छिड़काव किया जा रहा है। निर्माणाधीन भवन से पानी निकालने के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है।
डॉ. मनीष यादव, डीएमओ, नारनौल।
स्वास्थ्य विभाग ने निर्माणाधीन भवन से पानी निकालने के लिए कहा है। जिसमें से जल्द ही निकाला जाएगा। अस्पताल की सीवर लाइन लीकेज है, जिसकी वजह से पानी भर जाता है। जिसे दोबारा खाली करवा दिया जाएगा।
अश्विनी कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, नारनौल।