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Mahendragarh-Narnaul News: पारा गिरने से फसलों में नुकसान की आशंका

Wed, 14 Jan 2026 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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फोटो संख्या:65- सुबह हल्की धूप ​खिलने के बाद सरसों की फसल पर जमीं औंस की बूंदें--- संवाद
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महेंद्रगढ़। न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री गिरावट से फसलों में नुकसान की आशंका बनी हुई है। मंगलवार को हल्की बदलवाई के कारण पाले से राहत मिली।
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कृषि विशेषज्ञों के अनुसार सरसों की फलियों में दाना बनने की स्टेज पर न्यूनतम तापमान 9 से 10 डिग्री और अधिकतम 20 से 21 डिग्री सेल्सियस तापमान उपयुक्त है। गेहूं की फसल पर तीन डिग्री सेल्सियस तक न्यूनतम तापमान का अधिक प्रभाव नहीं होगा लेकिन बढ़वार व फुटाव जरूर प्रभावित होगा। वहीं तीन डिग्री से कम तापमान सरसों की फसल के लिए हानिकारक है।
सरसों की बिजाई के समय 30-32 तथा बढ़वार व फूल के समय 10 से 20 डिग्री का तापमान सबसे अच्छा माना जाता है। ज्यादा ठंड (पाला) और 35 डिग्री से अधिक तापमान पैदावार को नुकसान पहुंचा सकता है। किसान रविंद्र बसई, संदीप कुमार आकोदा, बीर सिंह सेहलंग, जयप्रकाश कनीना ने बताया कि दो दिन लगातार जमे पाले से सरसों, मटर, चना, पशुचारा पर नुकसान का असर दो-तीन दिनों में नजर आएगा।
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पिछले एक सप्ताह में यह ही है तापमान की स्थिति:
वार अधिकतम न्यूनतम
मंगलवार 15.0 3.0
बुधवार 13.0 4.5
वीरवार 13.6 4.0
शुक्रवार 14.5 4.0
शनिवार 13.0 4.5
रविवार 13.0 3.5
सोमवार 12.8 1.5
मंगलवार 14.2 1.2

- वर्जन:
पाले एवं ठंड के प्रभावों को कम करने के लिए किसान हल्की सिंचाई करें। हल्की सिंचाई से खेतों में नमी की मात्रा बढ़ने से पाले का प्रभाव कम हो सकता है। घास-फूंस को हवा की दिशा में जलाकर धुआं करने से काफी हद तक प्रभावों को कम किया जा सकता है। हल्की सिंचाई सबसे उत्तम तरीका है। डॉ. जयलाल यादव, वरिष्ठ संयोजक कृषि विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़।
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