कनीना। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़ ने शुक्रवार को गांव मोड़ी में प्राकृतिक खेती पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। इसमें 50 किसानों ने भाग लिया। केंद्र के संयोजक सत्यजीत ने बताया कि प्राकृतिक खेती वर्तमान की मांग है। आजादी के बाद खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने के लिए रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का प्रयोग बहुत बढ़ा। इन रसायनों के अंधाधुंध उपयोग से भूमि, जल और पर्यावरण प्रदूषित हो रहे हैं। केंद्र के जिला विस्तार विशेषज्ञ नरेंद्र सिंह ने बीजामृत, जीवामृत, नीमास्त्र, दसपर्णी अर्क जैसे प्राकृतिक आदानों को तैयार करने और उपयोग के बारे में बताया। उन्होंने खरपतवार नियंत्रण और पानी बचाने के लिए मल्चिंग के महत्व पर भी चर्चा की। संवाद