क्षेत्र के किसानों ने विभिन्न मांगों को लेकर कैंप कार्यालय में उपमंडल अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम पत्र सौंपकर भावांतर भरपाई योजना की राशि दिलाने, सरसों की खरीद दोबारा शुरू कराने, खरीद की राशि किसानों के खातों में डलवाने सहित अन्य प्रकार की मांग उठाई।
मंगलवार को कैंप कार्यालय में पहुंचे क्षेत्र के किसानों ने उपमंडल अधिकारी संजीव कुमार को सीएम के नाम सौंपे ज्ञापन में बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा सरसों खरीद बंद करने की घोषणा कर दी, लेकिन अभी अनेक किसान उपज बिक्री से वंचित हैं। साथ ही जो उपज खरीद की गई थी उसकी राशि भी किसानों के खातों में नहीं भेजी गई है। वहीं गत वर्ष अक्तूबर व नवंबर माह के दौरान बाजरे की सरकारी खरीद की गई थी। इसके तहत भावांतर भरपाई योजना के तहत किसानों के खातों में राशि डाली जानी थी लेकिन क्षेत्र के कुछ ही किसानों की राशि डालकर महज खानापूर्ति की गई है।
वहीं दूसरी और गत वर्ष अधिक बारिश के कारण खराब हुई सरसों की फसल का मुआवजा भी बीमा कंपनियों की ओर से नहीं दिया गया है। क्षेत्र के किसानों ने बैंकों व कृषि विभाग कार्यालयों के चक्कर लगाकर अधिकारियों को भी अवगत कराया था। इसके अलावा वर्ष 2020 में अधिक बारिश के कारण कपास की खराब हुई फसल के लिए राजस्व विभाग द्वारा एपीआर तैयार करने के बावजूद भी मुआवजा नहीं दिया गया जबकि पूरे प्रदेश के अन्य जिलों में यह मुआवजा प्रदेश सरकार द्वारा दिया गया था।
एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि वह उनकी मांग सरकार तक पहुंचाएंगे। इस अवसर पर रामनिवास पाटोदा सुरजनवास, धर्मपाल नंबरदार पायगा, रामचंद्र नंबरदार, सुरेश, राजबीर, पोहप सिंह, जितेंद्र, बिरेंद्र, लीलाराम, नरेश, अजीत, अधिवक्ता बंशीलाल यादव, योगेंद्र, सतीश निंबल, आशुतोष सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।