मंडी अटेली। ओलावृष्टि से प्रभावित हुई फसल के मुआवजे की मांग को लेकर विभिन्न गांवों के किसानों ने अटेली-कनीना मार्ग पर गांव राता के बस स्टैंड पर जाम लगाकर रोष जताया। उक्त जाम किसानों ने पूर्व विधायक नरेश यादव के नेतृत्व में लगाया। लगभग एक घंटे तक लगे जाम के कारण सड़क मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई, जिसके चलते वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जाम की सूचना पाकर तहसीलदार राजेश कुमार और थाना प्रभारी अश्वनी कुमार मौके पर पहुंचे और किसानों को समय रहते गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर यातायात को सुचारु करवाया। बता दें कि गत दो रोज पहले क्षेत्र में हुई बरसात के कारण गेहूं की फसल में नुकसान हो गया था। वहीं शुक्रवार शाम को हुई ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को पूरी तरह से नष्ट हो गई है जिससे किसानों के समक्ष आर्थिक संकट की स्थिति बन गई है। किसान ओमप्रकाश, सतीश कुमार, भगवान सिंह, सुरेश कुमार, दयाराम, भोपाल सिंह, दलीप सिंह, कर्ण सिंह और रमेश कुमार ने बताया कि 2 दिन पूर्व बरसात में ओलावृष्टि ने जहां 50 से 70 प्रतिशत नुकसान किया था। वहीं ओलावृष्टि ने पूर्ण रूप से किसानों को बर्बाद कर दिया। किसानों ने बताया कि क्षेत्र में बहुत सारे किसान ऐसे हैं जो ठेके पर जमीन लेकर खेती करते हैं उनके लिए अब कोई चारा नहीं बचा है।
इस मौके पर पूर्व विधायक नरेश यादव ने कहा कि सरसों की फसल में बरसात के कारण काफी नुकसान हुआ था। जिसका मुआवजा अभी तक किसानों को नहीं मिला। सरकार के ढुलमुल रवैया के कारण किसान बेहद परेशानी से जूझ रहा है। वहीं अब ओलावृष्टि से गेहूं की फसल में पूर्ण रूप से नुकसान हो गया है। सरकार को चाहिए कि समय रहते गिरदावरी कराकर किसानों को 50 हजार प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दे। उन्होंने कहा कि दक्षिण हरियाणा का किसान खेती बाड़ी पर ही निर्भर रहता है। उसके परिवार का पालन पोषण इसी से ही चलता है अगर फसल बर्बाद हो जाती है तो किसान की माली हालत बिगड़ जाती है।
अटेली, सीहमा व महेंद्रगढ़ क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि
जिले में पिछले एक सप्ताह से रुक-रुक लगातार बारिश हो रही है जिससे गेहूं की फसल में नुकसान की संभावना काफी बढ़ गई है। वहीं शुक्रवार को अटेली, सीहमा व महेंद्रगढ़ क्षेत्र के दर्जनों गांवों में हुई ओलावृष्टि से गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है जिससे गेहूं की फसल में काफी नुकसान जताया जा रहा है। हालांकि सरकार ने ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में गिरदावरी करवाने के निर्देश जारी कर दिए है। वहीं प्रशासन द्वारा नुकसान की भरपाई के लिए क्षति पूर्ति पोर्टल पर किसानों के आवेदन लिए जा रहे हैं।
50 हजार प्रति एकड़ की दर से दिया जाए मुआवजा
पूर्व विधायक अनीता यादव व बसपा नेता ठाकुर अतरलाल ने क्षेत्र में ओलावृष्टि के बाद खेतों का अवलोकन किया। वहीं सरकार ने किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ दिखावा करती है। जनवरी में पाले से सरसों की फसल काफी खराब हो गई थी जिसका सरकार ने सिर्फ दिखावा किया। सरकार ने कहा कि किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा परंतु आज तक एक पैसा किसानों के खातों में नहीं आया। किसानों ने पूर्व विधायक अनीता यादव के माध्यम से सरकार से आह्वान किया है कि अबकी बार हमारे पास कोई भी आजीविका का साधन नहीं है।