कनीना। जिलेभर में डीएपी खाद की भारी किल्लत को लेकर किसानों में रोष है। प्रदेश में किसान कहीं मंडी गेट बंद कर विरोध जता रहे हैं तो कहीं सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी अतरलाल के नेतृत्व में किसानों ने गांव धनौंदा बस स्टैंड पर रोष मार्च और जुलूस निकाला।
किसानों ने हाथों में पोस्टर लहराते हुए और नारेबाजी कर पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद उपलब्ध करवाने की मांग की।
रोष मार्च में पाथेड़ा, कैमला, अगिहार, खेड़ी तलवाना, पोता, स्याणा, नौताना, बाघोत, उच्चत, छिथरोली, झाड़ली, धनौंदा, सिहोर सहित अनेक गांवों के किसान व बसपा कार्यकर्ता शामिल हुए। अतरलाल ने कहा कि सरसों की बिजाई शुरू हो चुकी है लेकिन किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार डीएपी खाद नहीं मिल रही है।
किसान दिनभर लाइनों में लगने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं। ऊपर से निजी खाद विक्रेता किसानों पर 500 से 600 रुपये के अन्य सामान जबरन थोंपकर किसानों पर आर्थिक भार बढ़ा रहे हैं।
किसान नेताओं किशनपाल, मीरसिंह वैद्य, करतार, मदन सिंह, राजेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार किसानों के साथ हर स्तर पर धोखा कर रही है। सरकार ने बाजरा भावांतर के 575 रुपये प्रति क्विंटल देने की घोषणा की थी लेकिन बाजरा 2200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदने का वादा भी पूरा नहीं हुआ।
मजबूरी में किसान 1700-1800 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बाजरा बेचने को विवश हैं। उन्होंने सरकार से बाजरा भावांतर राशि बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति क्विंटल करने और किसानों को तुरंत पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद उपलब्ध करवाने की मांग की।
इस अवसर पर मुकेश तंवर, राधेश्याम, सुरेश, राकेश यादव, नवीन डुडी, राजबीर, बीर सिंह, कैलाश सेठ, मदन सिंह, महेंद्र सिंह, विक्रम पंच, रामबीर पंच, पवन धनखड़ सहित अनेक किसान मौजूद रहे।