नारनौल। क्षेत्र में यूरिया खाद की समस्या लगातार बनी हुई है। शुक्रवार को पुरानी अनाज मंडी में स्थित दी महेंद्रगढ़ को-ऑपरेटिव सोसाइटी में खाद नहीं होने की वजह से वितरित नहीं किया। किसान सोसाइटी पर खाद की पूछ-पूछ कर जा रहे थे। वीरवार को टोकन भी नहीं काटे गए। वीरवार की देर शाम तक 50 बैग बचे थे। ये बैग वीरवार को टोकन कटवाए हुए 50 किसानों को वितरित किए गए। अभी सोमवार को खाद आने की उम्मीद है। उसके बाद ही किसानों को खाद मिल पाएगी।
बता दें कि इस समय क्षेत्र में रबी की फसल सरसों एवं गेहूं की फसल बोई गई है। जिले में 90110 हेक्टेयर भूमि पर सरसों, लगभग 25 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं, 3780 हेक्टेयर भूमि पर चना तथा 70 हेक्टेयर भूमि पर जौ बोया जा चुका है। सरकार की ओर से एक लाख हेक्टेयर भूमि पर सरसों, 40 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं, दस हजार हेक्टेयर भूमि पर चना तथा 400 हेक्टेयर भूमि पर जौ का लक्ष्य रखा है। अभी तक जिले में इतने रकबे के लिए लगभग 31236 यूरिया खाद की आवश्यकता होगी। नवंबर माह तक 22636 मीट्रिक टन खाद वितरित होना है। सरकार की ओर से अभी तक लगभग 16 हजार मीट्रिक टन खाद किसानों में वितरित किया जा चुका है। सरकार का लक्ष्य पूरा करने के लिए पांच दिन का समय बचा है जिनमें शनिवार एवं रविवार का अवकाश रहेगा। अब सोमवार को ही खाद वितरण किया जाएगा। आगे से खाद पूरा नहीं आने की वजह से किसानों को दो-दो दिन दस घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। किसान का पूरा परिवार खाद लेने के लिए लाइनों में खड़ा रहता है।
किसान रामौतार, सुखराम, जगदीश, उमराव, सुलतान सिंह आदि ने बताया कि इस समय सरसों में यूरिया खाद डालना बहुत जरूरी है। अगर फसल को समय पर खाद नहीं मिली तो खराब हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि खेती से ही उनका गुजारा चलता है। क्षेत्र में पानी नहीं होने की वजह से साल में खरीफ एवं रबी दो की दो ही फसल मिल पाती हैं अगर वो भी खराब हो गई तो घर का गुजारा कैैसे चलेगा? किसानों ने बताया कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार की समस्या का समझना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा खाद उपलब्ध करवाना चाहिए।
खाद की कोई समस्या नहीं है। इस सप्ताह लगभग हर रोज खाद वितरित किया गया है। अभी भी हमारे पास लगभग 12 हजार बैग बचे हुए हैं।
- डॉ. अजय यादव, एसडीओ, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, महेंद्रगढ़।