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Mahendragarh-Narnaul News: ...तो चालकों की कमी से थम जाएंगे एंबुलेंस के पहिये

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नागरिक अस्पताल नारनौल में खड़ी एंबुलेंस। संवाद - फोटो : Narnol
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नारनौल। एंबुलेंस पर लगे रोडवेज बसों के 22 चालकों का समय 30 नवंबर को पूरा हो जाएगा। इसके बाद ड्राइवरों की कमी के चलते एंबुलेंस के पहिए थम जाएंगे जिससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ सकती है। पिछले दस महीनों में दो बार समय बढ़ाया जा चुका है। अब देखना यह होगा कि सरकार इनका समय आगे बढ़ाएगी या फिर ड्राइवरों को वापस रोडवेज डिपो में भेजेगी। 13 साल से एंबुलेंस चालकों की भर्ती नहीं हुई है। इस वजह से जिला स्वास्थ्य विभाग उधार के ड्राइवरों लेकर काम चल रहे हैं। वर्तमान में 30 एंबुलेंस पर लगभग 90 चालकों की आवश्यकता है लेकिन रोडवेज चालकों को मिलाकर 78 चालक पूरे हो रहे हैं। उसके बाद भी 12 चालकों की कमी है।
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बता दें कि हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की ओर से अगस्त 2021 में 11 नई एंबुलेंस भेजी गई थीं। जिन अस्पतालों में एबुलेंस की आवश्यकता थी उनको वहां तैनात कर दिया गया था। चालकों की कमी के चलते एंबुलेंस चार महीने अस्पताल परिसर में धूल फांकती रही। इसके बाद प्रदेश सरकार ने एंबुलेंस चलाने के लिए रोडवेज विभाग से ड्राइवर भेजे थे। जनवरी 2022 में 23 ड्राइवर स्वास्थ्य विभाग के पास भेजे थे जिनमें बाद में एक चालक छोड़कर चला गया था। उन्हीं चालकों के माध्यम से एंबुलेंस चलाई जा रही हैं।
दस महीने में दो बार बढ़ाया समय
प्रदेश सरकार ने एंबुलेंसों के लिए जनवरी 2022 में रोडवेज विभाग से चालक पांच महीने के लिए भेजे थे। इसके बाद 31 मई को उनका एंबुलेंस पर काम करने का समय पूरा हो गया था और वो चले गए थे। सरकार ने एक महीने का गेप देकर पांच जुलाई को दोबारा उनको दो महीने के लिए बुला लिया। इसके बाद 31 अगस्त को उनका समय पूरा हो गया था। सरकार ने फिर तीन महीने का समय बढ़ाकर 9 सितंबर को वापस बुला लिया था। अब 30 नवंबर को फिर उनका वहां काम करने का समय पूरा हो जाएगा।
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2009 के बाद नहीं हुई चालकों की भर्ती
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार 2009 के बाद एंबुलेंस ड्राइवरों की भर्ती नहीं हुई है। केवल आउट सोर्सिंग पर लगे ड्राइवरों की बदौलत ही काम चलाया जा रहा है। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग को जल्द ही एंबुलेंस ड्राइवरों की स्थायी भर्ती करनी चाहिए। उधार के ड्राइवरों तक कब तक काम चलाया जाएगा?
90 में से 27 चालक ही स्थायी
जिले में लगभग 30 एंबुुलेंस हैं। प्रत्येक एंबुलेंस पर आठ घंटे-आठ घंटे की ड्यूटी के अनुसार तीन- तीन चालकों की आवश्यकता होती है। इस हिसाब 30 एंबुलेंस के लिए 90 चालकों की आवश्यकता है। वर्तमान में 27 चालक नेशनल हेल्थ मिशन, 29 हरियाणा कौशल के तहत तथा 22 रोडवेज बसों के चालक लगे हुए हैं। इसके बाद भी 12 चालकों की कमी चल रही है।
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