फोटो नंबर- 11टीन शेड के नीचे रखे बैग व फर्श पर फैला कचरा। संवाद
नारनौल। जिले में बाजरे की सरकारी खरीद कब और कैसे शुरू होगी, इसे लेकर अभी तक कोई निर्देश जारी नहीं हुए हैं। सरकार ने बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2900 रुपये तय किया है, लेकिन खुली मंडी में व्यापारी 2200 से 2250 रुपये में खरीद रहे हैं।
जिले में करीब 60 प्रतिशत किसान कटाई कर चुके हैं। इस साल कम बारिश के कारण फसल की लागत भी बढ़ी है। इससे किसान असमंजस में हैं और मजबूरी में अपनी फसल कम दाम पर बेच रहे हैं।
किसानों का कहना है कि सरकारी खरीद शुरू न होने से व्यापारी भाव नहीं बढ़ा रहे। पिछले साल गुणवत्ता खराब होने पर भी व्यापारी 2000 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल खरीद रहे थे।
मंडी में नहीं हुई सफाई
नांगल चौधरी रोड स्थित नई अनाज मंडी में खरीद से पहले सफाई का काम अभी तक नहीं हुआ है। टीन शेड के नीचे बैग रखे हैं और फर्श पर कचरा बिखरा है। सामान्य दिनों में यहां ज्यादातर दुकानें बंद रहती हैं और सफाई केवल खरीद से पहले होती है। समय पर सफाई न हुई तो किसानों को परेशानी हो सकती है।
गत वर्ष भावांतर के बाद भी एमएसपी से कम मूल्य पर बाजरा बेचना पड़ा था, क्योंकि गुणवत्ता खराब होने के कारण सरकारी एजेंसी खरीद के लिए मना कर रही थी। इसलिए सरकार को स्पष्ट निर्देश जारी करने चाहिए कि बाजरे की खरीद किस प्रकार से की जाएगी ताकि किसानों को बाजरे का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।
-ताराचंद, गांव पटीकरा
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गर्मियों में अधिक तापमान के दौरान मुर्गी फार्म में बाजरे की मांग कम रहती है जिसके चलते खुली मंडी में बाजरे का मूल्य अभी 2200 से 2250 रुपये बना हुआ है। आगामी दिनों में बाजरे के बाजार भाव में बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है।
-बृजमोहन, जिला प्रधान, हरियाणा आढ़ती एसोसिएशन, नई अनाज मंडी
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वर्जन :
सरकारी खरीद को लेकर अभी कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। मंडी परिसर में वाटर कूलर टैंक की सफाई का कार्य किया जा चुका है और टीन शेड की सफाई का कार्य भी जल्द करवाया जाएगा। खरीद के दौरान चौकीदार सहित आवश्यकतानुसार कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए मुख्यालय को मांग भेजी गई है, उम्मीद है जल्द ही नियुक्ति की जाएगी।
-नकुल यादव, सचिव, मार्केट कमेटी, नारनौल।