फोटो नंबर- 03नारनौल स्थित नई अनाज मंडी में व्यापारियों द्वारा खरीदे गए बाजरे की तुलाई करते श
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नारनौल। सीएम दौरे के चलते नारनौल अनाज मंडी में बाजरे की खरीद एक दिन पहले 14 नवंबर को ही बंद कर दी गई। वहीं अटेली मंडी में अंतिम दिन बाजरे की खरीद के लिए गेटपास जारी किए गए। 24 सितंबर से 14 नवंबर तक नारनौल मंडी में 346089, अटेली मंडी में 421715 और नांगल चौधरी मंडी में 103748 क्विंटल बाजरे की आवक हुई। बाजरे की गुणवत्ता खराब होने के कारण तीनों मंडियों में सरकारी खरीद नहीं की गई। वहीं व्यापारियों की ओर से नारनौल मंडी में 332119, अटेली मंडी में 413652 और नांगल चौधरी मंडी में 98870 क्विंटल बाजरे की खरीद जे फार्म के तहत की गई है।
85 करोड़ रुपये की भावांतर राशि बकाया
जिले की सभी मंडियों में व्यापारियों की ओर से बोली लगाकर 1484126 क्विंटल बाजरे की खरीद की गई। वहीं गेटपास जारी होने के बाद मंडी पहुंचे बाजरे की खरीद शनिवार को जारी रही। भावांतर के तहत मिलने वाली राशि का भुगतान अब तक किसानों को नहीं किया गया है। जिलेभर में करीब 85 करोड़ रुपये भावांतर राशि का भुगतान किसानों को किया जाना बाकी है।
पंजीकरण से करीब 8 लाख क्विंटल कम रही बाजरे की आवक
जिले में करीब 92470 किसानों ने करीब 2 लाख 94 हजार एकड़ क्षेत्र में बाजरे का पंजीकरण कराया था। इसके अनुसार करीब 23 लाख क्विंटल बाजरे की पैदावार का आकलन था लेकिन सितंबर माह की शुरुआत में आई बारिश से बाजरे की पैदावार प्रभावित हुई। जिले सभी मंडियों में करीब 1536951 क्विंटल बाजरे की आवक हुई।
16 नवंबर को मुख्यमंत्री कार्यक्रम के चलते एक निर्धारित तिथि से एक दिन पहले बाजरे की खरीद बंद कर दी गई है। शुक्रवार शाम तक जारी किए गए गेटपास के तहत जितने बाजरे की आवक हुई। व्यापारियों की ओर से बोली लगाकर उसकी खरीद की जा रही है।
-नकुल यादव, सचिव, मार्केट कमेटी, नारनौल।