नारनौल। बाजरे की खरीद शुरू हुए 6 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक खरीद शुरू नहीं की गई है। सोमवार को 13 गेटपास जारी किए गए। अधिकारी दोपहर 12 बजे मंडी में बाजरे की जांच की और चले गए।
जिले में बाजरे की जांच के लिए मशीन उपलब्ध नहीं है। इस कारण बाजरे के सैंपल रेवाड़ी भेजे जाते हैं। इस कारण खरीद अधिकारी केवल दोपहर 12 बजे तक ही बाजरे की जांच करते हैं।
सोमवार को नारनौल में 13 और अटेली में 40 गेटपास जारी किए गए। 6 दिनों में नारनौल, अटेली व नांगल चौधरी की मंडियों में करीब 4530 क्विंटल बाजरे की आवक हुई है लेकिन तीनों मंडियों में सरकारी खरीद के तहत बाजरा नहीं खरीदा गया है। नारनौल मंडी में 1600 क्विंटल बाजरे की आवक हुई है। इसमें से केवल 450 क्विंटल बाजरे की खरीद व्यापारियों ने की है।
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खरीद शुरू होने के पहले दिन बाजरा लाया था लेकिन अभी तक गेटपास जारी नहीं हो पाया है। इस कारण ना तो सरकारी खरीद में और ना ही जे फार्म के तहत व्यापारियों को बाजरा बेच पा रहा हूं। 6 दिन से बाजरा मंडी में पड़ा है।-दलीप सिंह, किसान, मोहल्ला पुरानी मंडी
बाजरे की खरीद 23 सितंबर से शुरू की गई थी। तीसरे दिन से गेटपास जारी होने शुरू हुए तो बाजरे की गुणवत्ता खराब बताकर सरकारी खरीद के तहत बाजरा नहीं खरीदा गया। अधिकारी खराब गुणवत्ता बताकर खरीदने से मना कर देते हैं।-रामनिवास, गांव सेका
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बाजरे की गुणवत्ता खराब है। इसलिए सरकारी खरीद नहीं की जा रही लेकिन दूसरी तरफ बाजरे के बाजार भाव में 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसका कोई औचित्य नहीं है। इससे किसान व व्यापारी दोनों की परेशानी बढ़ेगी।-वेदप्रकाश, व्यापारी,नई अनाज मंडी
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वर्जन
बाजरे की गुणवत्ता खराब होने के कारण खरीद नहीं की गई है। बाजरे के नमूने जांच के लिए रेवाड़ी भेजे जाते हैं। इसलिए 12 बजे तक सैंपल रेवाड़ी भेज दिए जाते हैं। सभी मार्केट कमेटी सचिव को पत्र लिखकर सैंपल जांच की मशीन मंडी में ही उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।-प्रवीण भारद्वाज, जिला प्रबंधक, हैफेड नारनौल