कनीना। मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर बाजरा फसल के पंजीकरण को लेकर बुधवार को उपमंडल अधिकारी कार्यालय में कई किसान पहुंचे। किसानों का आरोप है कि कार्यालय में नियुक्त कर्मचारी पंजीकरण करने से इन्कार कर रहे हैं, जिससे उन्हें बाजरा बेचने के लिए टोकन नहीं मिल पा रहा। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम के रीडर अनिल को सौंपा।
इस दौरान सेहलंग, खेड़ी, तलवाना, भोजावास, खरकड़ाबास, धनौंदा, बेवल, मोड़ी, कनीना, करीरा, कोटिया, भड़फ, ककराला, गोमला और गोमली सहित कई गांवों के किसान पहुंचे। उनका कहना है कि उन्होंने 22 सितंबर से ही जरूरी दस्तावेज कार्यालय में जमा करवा रखे हैं, फिर भी पंजीकरण नहीं हुआ।
किसानों के मुताबिक उन्हें बाहर से पंजीकरण करवाने को भी कहा जा रहा है जबकि इस काम के लिए एसडीएम कार्यालय के कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है। कुछ किसानों ने कर्मचारियों पर पैसे लेकर पंजीकरण करने और दुर्व्यवहार करने के आरोप भी लगाए। उन्होंने चेतावनी दी कि पंजीकरण न होने पर वे उपमंडल कार्यालय के सामने धरना देने को मजबूर होंगे।
इस मौके पर राजेश, धर्मपाल, अशोक, राजेंद्र सिंह नंबरदार, करतार सिंह, विजय, संतराम, आनंद, ओमकार, हरिसिंह, भीम सिंह सहित अनेक किसान मौजूद रहे।
सपा नेता अतरलाल एडवोकेट ने कहा कि बाजरा पंजीकरण और खरीद के लिए सरकार व प्रशासन की ओर से लगाई गई शर्तों और दिशा-निर्देशों के कारण किसान परेशान हैं। किसानों ने समय पर दस्तावेज जमा करवाए लेकिन पंजीकरण न होने से अब फसल बेचने में दिक्कत आ रही है।
वर्जन
खरीफ 2026 के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने अतिरिक्त समय दिया है। विभागीय आदेश के अनुसार 6 से 8 अक्टूबर तक उन किसानों का पंजीकरण पूरा किया जाएगा, जिनके आवेदन 27 सितंबर तक एसडीओ कार्यालय में आ चुके थे, लेकिन पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हो पाया। 27 सितंबर के बाद आए नए आवेदन इस सुविधा में शामिल नहीं होंगे। पात्र किसानों के दावों का सत्यापन एसओपी के अनुसार पंजीकरण के तीन दिन के भीतर किया जाएगा।-डॉ. जितेंद्र सिंह अहलावत, एसडीएम, कनीना