मुआवजे की मांग को लेकर गांव बाघोत में मंगलवार को दूसरे दिन भी किसान संघर्ष समिति महेंद्रगढ़ ने धरना जारी रखा। किसानों ने धरने पर बैठकर नारेबाजी करते हुए पूरा मुआवजा मांगा। किसानों ने कहा कि मांगों को नहीं माना गया तो 28 जुलाई को पूरे हरियाणा की महापंचायत बुलाएंगे।
ग्रीन कॉरिडोर विकसित करने के लिए अधिगृहीत होने वाले जमीन के मुआवजे को लेकर दादरी सहित कई जिलों के किसान आंदोलन की राह पर हैं। रविवार को महापंचायत के महेंद्रगढ़ के किसानों ने भी संघर्ष का रास्ता अपनाया था। सोमवार से किसानों ने गांव बाघोत में धरना शुरू कर दिया। धरने की अध्यक्षता करते हुए एडवोकेट जितेंद्र गुर्जर ने कहा कि किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। किसानों को पूरा मुआवजा नहीं दिया जा रहा। अगर किसानों को उनको हक नहीं दिया गया तो किसान आंदोलन की राह अपनाएंगे। कुछ लोग आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। इस बारे में सभी किसान सामूहिक तौर पर फैसला लेंगे।
उन्होंने बताया नारनौल से इस्लाईमाबाद (कुरुक्षेत्र) तक ग्रीन कॉरिडोर आठ जिलों से गुजरेगा। महेंद्रगढ़ को छोड़कर अन्य सात जिलों की अवार्ड राशि केंद्र सरकार ने बढ़ा दी। अन्य जिलों में किसानों की अवार्ड राशि कम से कम 20 लाख रुपये बढ़ाई है। महेंद्रगढ़ के किसानों के साथ इस मामले में भेदभाव हुआ है। जब सात जिलों के किसानों की अवार्ड राशि रिवाइज हो सकती है तो महेंद्रगढ़ के किसानों की क्यों नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि सरकार जब तक इन किसानों को बाकी सात जिलों की तर्ज पर मुआवजा राशि नहीं देती है, तब तक उनका अनिश्चित कालीन आंदोलन जारी रहेगा।