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Mahendragarh-Narnaul News: गड्ढों में गुम हुई खेतों की नाड़ी, पक्के रास्ते को तरसे राता-कालवाड़ी

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फोटो नंबर- 29गांव राता से कलवाड़ी जाने वाला कच्चा रास्ता। संवाद
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मंडी अटेली। गांव राता से कालवाड़ी जाने वाले कच्चे रास्ते की खराब हालत से दोनों गांवों के ग्रामीण परेशान हैं। खेतों के बीच से गुजरने वाला यह रास्ता उबड़-खाबड़ और गड्ढों से भरा है, जिस कारण वाहनों का आना-जाना लगभग ठप है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इसे तुरंत पक्का करवाने की मांग की है।
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यह रास्ता दोनों गांवों के किसानों के लिए लाइफ लाइन जैसा है। इसी से वे खेत-खलिहान जाते हैं और फसल, खाद-बीज और कृषि यंत्र लाते-ले जाते हैं। रास्ता खराब होने से उन्हें 3-4 किलोमीटर लंबे दूसरे रास्ते से जाना पड़ता है, जिसमें समय और डीजल दोनों बर्बाद होते हैं। बरसात में कीचड़ और पानी भरने से हालत और बिगड़ जाती है।
राता के ग्रामीण शादी राम यादव, फूल सिंह, दयाराम, हरीश कुमार, अशोक कुमार, रामपाल सिंह, जगमाल सिंह और रविंद्र कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द रास्ता पक्का नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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ग्राम पंचायत राता ने प्रस्ताव पारित कर स्वास्थ्य मंत्री आरती राव को ज्ञापन सौंपा है। सरपंच बेदू राता ने बताया कि मंत्री ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।
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हमारी उम्र इसी रास्ते पर चलते बीत गई। पहले कच्चा था, आज भी कच्चा है। बरसात में ट्रैक्टर फंस जाता है और छोटे वाहन निकल ही नहीं पाते। अब तो सरकार हमारी सुने।-प्रीतम उर्फ टील्लू, गांव कालवाड़ी
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यह रास्ता हमारे खेतों की नाड़ी है। धान-कपास की कटाई के समय सबसे ज्यादा दिक्कत होती है और भरी ट्रॉली पलटने का डर रहता है। रास्ता पक्का हुआ तो दोनों गांवों के 100 से ज्यादा किसानों को सीधा फायदा होगा।-सोनू, गांव राता
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राता से कालवाड़ी की दूरी इस रास्ते से सिर्फ डेढ़ किलोमीटर है, पर अब 5 किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है। स्कूली बच्चों, दूध बेचने वालों और नौकरीपेशा लोगों को रोज परेशानी होती है।-लाल चंद, गांव राता
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पक्का रास्ता गांव के विकास की पहली सीढ़ी है। प्रशासन नरेगा या किसी अन्य योजना से इसे पक्का करे। मंत्री जी तक बात पहुंचा दी है, अब काम शुरू होने की उम्मीद है।-राजेश कुमार, गांव कालवाड़ी
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