गलत दस्तावेज के आधार पर बिजली निगम में लगे जेई पर विजिलेंस जांच के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। विजिलेंस की जांच अनुसार 15 साल की आयु में ही जेई ने नौकरी हासिल की थी। इतना ही नहीं गलत दस्तावेज प्रस्तुत कर पदोन्नति हासिल कर ली। इसके छह साल पहले लगा लाइनमैन, लाइनमैन रह गया और आरोपी बस्तीराम जेई बन गया। विजिलेंस जांच के दौरान पता चला कि बस्तीराम ने जो मैट्रिक की सर्टिफिकेट लगाई थी वह फर्जी है। डीएचबीवीएन में जमा सर्टिफिकेट की विजिलेंस ने जांच की तो पाया कि जिस अनुक्रमांक वाली सर्टिफिकेट लगाई है वह सत्यवान नाम के व्यक्ति की है। पुलिस ने विजिलेंस की जांच पर अटेली के जेई बस्तीराम के खिलाफ 420, 467, 468, 471 आईपीसी धारा के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसका खुलासा उनके साथ नौकरी कर रहे लाइनमैन कृष्ण कुमार की शिकायत पर हो सका। कृष्ण कुमार जो बस्तीराम से सीनियर था लेकिन फर्जी तरीके से कम आयु व अधिक अनुभव दिखा कर बस्तीराम ने पदोन्नति हासिल कर ली व जेई बन गया। वहीं जबकि कृष्ण कुमार को लाइनमैन से रिटायर्ड होना पड़ा।