फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahendragarh-Narnaul News: हकेंवि के संकाय सदस्य पशुओं के घाव के उपचार के लिए करेंगे कार्य

Tue, 03 Sep 2024 11:45 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
विज्ञापन
फोटो संख्या: 60 हकेंवि में परियोजनाओं से जुड़ी डॉ. मनीषा पांडे, प्रो. सुरेंद्र सिंह व कुलपति प्
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) की टीम को भारतीय ज्ञान परंपरा (आईकेएस) के इंटर्नशिप कार्यक्रम 2024-2025 के अंतर्गत पशुधन के घाव के उपचार के लिए माथा थैलम के नए फॉर्मूलेशन की संशोधित रोगाणुरोधी क्षमता की खोज के लिए परियोजना को मंजूरी मिली है।
विज्ञापन

विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने आईकेएस शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार से अनुदान प्राप्त करने के लिए परियोजना टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह निश्चित रूप से विश्वविद्यालय में शोध गतिविधियों को बढ़ावा देगा। साथ ही भारतीय ज्ञान प्रणालियों को बढ़ाने में भी यह मददगार साबित होगा।
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के आईकेएस प्रभाग की स्थापना भारतीय ज्ञान परंपरा (आईकेएस) के विभिन्न पहलुओं पर अंत:विषय और बहुविषयक अनुसंधान को बढ़ावा देने व शोध व सामाजिक अनुप्रयोगों के लिए भारतीय ज्ञान को संरक्षित एवं प्रसारित करने के उद्देश्य से की गई। इसी उद्देश्य से शोध व अनुसंधान में युवाओं की भागीदारी एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम 2024-2025 की शुरुआत की गई। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की टीम को स्वीकृत परियोजना का उद्देश्य पशुओं के घाव भरने और संक्रमण के लिए पारंपरिक औषधि के नवीन फॉर्मूलेशन के विकास के लिए प्रयास करना है। यह नया फार्मूला घाव की जगह पर लंबे समय तक बना रहेगा, जिससे पशुओं में बेहतर उपचार में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें