फोटो संख्या:63- सतनाली में आयोजित श्रीराम कथा में शिव- पार्वती की झांकी निकालते श्रद्धालु
सतनाली। माता जमुवाए मंदिर परिसर में नौ दिवसीय श्रीराम कथा और दुर्लभ सत्संग के चौथे दिन भगवान शिव का विवाह की कथा सुनाई गई। महाराज कृष्ण ने बताया कि शिवजी भगवान श्रीहरि का नाम जपने लगे और सती जी वहां गईं। जहां सुख के धाम प्रभु श्री रामचंद्र जी थे। यह प्रसंग उस समय का है जब माता सती जी ने श्री शिव भगवान की बात पर विश्वास नहीं किया कि श्रीराम ही परम ब्रह्म और ईश्वर हैं और माता सती जी श्रीराम की परीक्षा लेने गई। उन्होंने जीवन में राम नाम स्मरण का महत्व समझाया। इस पर उन्होंने शिव- पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया। उन्हाेंने बताया कि शुक्रवार को राम कथा के दौरान राम जन्म उत्सव मनाया जायेगा। इस मौके पर कृष्ण, श्यामलाल, हरि सिंह, विनोद सेठ, धूप सिंह, मुनेश सहित अनेक भक्त मौजूद रहे। संवाद