नारनौल। अब स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल के गायनी वार्ड में सिजेरियन डिलिवरी के लिए नई व्यवस्था कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब निजी अस्पताल में गायनेकोलॉजिस्ट को ऑन कॉल बुलाया जाएगा। जितनी डिलिवरी निजी अस्पताल की गायनाकलोजिस्ट करेंगी, उसी के आधार पर उनको राशि जारी की जाएगी। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने दो डॉक्टरों का पैनल फाइनल कर दिया है। इससे सिजेरियन डिलिवरी के लिए आने वाली महिलाओं को राहत मिली है। फिलहाल सरकारी अस्पताल में दो गायनाकलोजिस्ट है। इसमें एक गायनाकलोजिस्ट एनएचएम के तहत कार्यरत है जबकि दूसरी महेंद्रगढ़ के सरकारी अस्पताल से डेपुटेशन पर आती है। 24 घंटे ड्यूटी रहने के कारण डॉक्टरों को परेशानी रहती है, इसलिए अस्पताल प्रशासन की तरफ से ऑन कॉल डॉक्टर बुलाने की व्यवस्था की गई है। इससे अब किसी भी समय ऑन कॉल गायनाकलोजिस्ट को बुलाकर सिजेरियन डिलीवरी करवाई जा सकेगी।
नई गायनाकलोजिस्ट की नियुक्ति की भी चल रही प्रक्रिया
स्वास्थ्य विभाग द्वारा एनएचएम के तहत नई गायनाकलोजिस्ट की नियुक्ति की प्रक्रिया भी चल रही है। इससे पहले भी प्रक्रिया शुरू की गई थी और एक डॉक्टर का चयन भी हुआ था लेकिन उसने ज्वाइन नहीं किया था। अब फिर से प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत जल्द ही नियुक्ति होने की उम्मीद है।
सर्जन की चल रही ट्रेनिंग, मिलेगी राहत
सिविल अस्पताल के सर्जन की ट्रेनिंग का काम भी चल रहा है- 12-12 दिन की ट्रेनिंग सरकार द्वारा करवाई जा रही है। दो सर्जनों की ट्रेनिंग अगले 24 दिन में पूरी हो जाएगी। उसके बाद और ज्यादा राहत मिल जाएगी।
ऑन कॉल डॉक्टर को बुलाने की व्यवस्था की गई है ताकि सिजेरियन हो सके। गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के समय दिक्कत नहीं आएगी। दो सर्जन की ट्रेनिंग भी चल रही है। उसके बाद समस्या बिल्कुल खत्म हो जाएगी।
-डॉ. धर्मेंद्र सांगवान, स्वास्थ्य अधीक्षक, सिविल अस्पताल, नारनौल
एनएचएम के तहत गायनाकलोजिस्ट की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही नियुक्ति होने की उम्मीद है।
-डॉ. रमेशचंद्र आर्य, सिविल सर्जन