सिहमा। खेतों में सिंचाई के दौरान बिजली लाइनों से होने वाले हादसों को रोकने के लिए बिजली विभाग ने किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि बिजली की लाइनों के नीचे या आसपास सिंचाई करते समय लोहे के पाइप की जगह प्लास्टिक के पाइप का इस्तेमाल करें।
एसडीओ अमित सोनी ने बताया कि किसान फसलों की सिंचाई के लिए पाइप का उपयोग करते हैं। पाइप को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते समय कई बार वह अनजाने में ऊपर से गुजर रही बिजली की तारों के संपर्क में आ जाता है।
लोहे का पाइप बिजली की तार से छूने पर करंट प्रवाहित कर सकता है। इससे पाइप पकड़ने वाले किसान के साथ आसपास मौजूद लोगों को भी करंट लगने का खतरा रहता है। यह हादसा जानलेवा भी हो सकता है।
उन्होंने कहा कि बिजली लाइनों के आसपास सिंचाई के लिए प्लास्टिक पाइप अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प है। हालांकि, इसे उठाते और ले जाते समय भी सावधानी जरूरी है।
विभाग ने किसानों से खेतों में बिजली लाइनों के नीचे या आसपास लोहे की रॉड, पाइप, कृषि उपकरण या अन्य लंबी वस्तुएं ले जाते समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।