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आईजीयू ने परीक्षा का शेड्यूल किया जारी, बिना सिलेबस कैसे हो तैयारी

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सुदेश कुमार
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नारनौल। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय की तरफ से बीए प्रथम व तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया गया है, लेकिन अभी तक विद्यार्थियों का सिलेबस भी पूरा नहीं हुआ है। आईजीयू की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार, प्रथम सेमेस्टर के रेगुलर, रिअपीयर विद्यार्थियों की परीक्षा 22 फरवरी तथा तृतीय सेमेस्टर के रेगुलर व रिअपीयर विद्यार्थियों की परीक्षा 23 फरवरी से शुरू होगी। जोकि 14 मार्च तक चलेगी।
वहीं परीक्षा की तिथि जारी होने से विद्यार्थियों को चिंता सताने लगी है, क्योंकि कोरोना के चलते सितंबर के अंत तक दाखिला प्रक्रिया जारी रही। जिस कारण उनकी पढ़ाई पूरी नहीं हो पाई। कॉलेज प्राध्यापकों ने जैसे-तैसे करके अपने विषय की पढ़ाई पूरी करवाने का प्रयास किया है। मगर अभी भी कुछ विषयों की पूरी पढ़ाई नहीं हो पाई है। ऐसे में बिना सिलेबस पूरा हुए विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा की तिथि जारी करना विद्यार्थियों के गले नहीं उतर रही है। हालांकि कॉलेज प्रशासन सिलेबस की पूरी पढ़ाई करवाने की बात कह रहा है, लेकिन मात्र तीन माह में विद्यार्थियों को एक सिलेबस की पढ़ाई पूरा करवाना मुश्किल सा लगता है।
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बता दें कि कोरोना की शुरुआत से ही शिक्षण संस्थान कुछ दिन के लिए खोल दिए जाते हैं तो कुछ दिन बाद ही उन्हें बंद करने के आदेश दे दिए जाते हैं। इससे विद्यार्थियों की लंबे समय से पढ़ाई बाधित रही। हालांकि सरकार के निर्देशानुसार स्कूल व कॉलेजों में विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही है, लेकिन ऑनलाइन पढ़ाई से तो विद्यार्थी खुश है, न ही उनके अभिभावक और ही स्कूल संचालक। ऑनलाइन पढ़ाई से विद्यार्थी का ज्ञान स्तर बढ़ने की बजाय कमजोर होता जा रहा है। इसलिए निजी स्कूल संचालक सरकार से नियमित स्कूल खोलने की मांग करते रहे हैं। हालांकि सरकार विद्यार्थियों का कोरोना से बचाव करने के लिए उन्हें अनुमति नहीं दे रही है।
तीन माह में सिलेबस की पढ़ाई कैसे होगी संभव
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय रेवाड़ी मीरपुर द्वारा बीए पास कोर्स के प्रथम व तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा के लिए तिथि जारी कर दी है। मगर विद्यार्थियों को सिलेबस पूरा नहीं होने के कारण परीक्षा को लेकर चिंता सताने लगी है, क्योंकि कोरोना के चलते न केवल दाखिला प्रक्रिया देरी से शुरू हुई। वहीं दाखिला प्रक्रिया सितंबर माह के अंत चली। जिस कारण नए सत्र की पढ़ाई भी देरी से हो पाई। इस प्रकार अक्तूबर, नवंबर व दिसंबर माह में कॉलेज में नियमित पढ़ाई जारी रही।दिसंबर के अंत में सरकार ने कोरोना के नए वैरिएंट ऑमिक्रोन के संभावित खतरे को देखते हुए सभी शिक्षण संस्थानों को आगामी आदेश तक बंद कर दिया था। जोकि पूरे जनवरी माह तक बंद रहे।
बाक्स :
कॉलेज में कुछ विषयों की पढ़ाई अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। जबकि विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा की तिथियां जारी कर दी है। अब बिना तैयारी के कैसे परीक्षा दी जा सकती है।
- नीरज भारद्वाज, छात्र।
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दाखिला प्रक्रिया देरी से शुरू होने के कारण नए सत्र की पढ़ाई भी देरी से शुरू हुई। जिस कारण सभी विषयों की पढ़ाई पूरी नहीं हो पाई है। विश्वविद्यालय को विद्यार्थियों की इस परेशानी की तरफ ध्यान देना चाहिए।
- कनिष्का, छात्रा।
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कोरोना के कारण विद्यार्थियों की लंबे समय तक पढ़ाई बाधित रही है। वहीं अब बिना सिलेबस पूरा करवाए ही विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा की तिथि जारी कर दी गई है। इससे चिंता होने लगी है।
- हिमांशु, छात्र।
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एक-दो विषय के सिलेबस की पढ़ाई पूरी हो चुकी है, लेकिन अन्य विषयों की पढ़ाई अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। जबकि परीक्षा की तिथि नजदीक आ गई है। इतने कम समय में कैसे पूरी पढ़ाई की जा सकती है।
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- मोनिका, छात्रा।
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वर्जन -
बीए पास कोर्स की परीक्षा की तिथियां जारी कर दी गई है। विद्यार्थियों को ऑनलाइन व कॉलेज में पढ़ाई करवाकर सभी सिलेबस पूरे करवाए जा चुके हैं। अब कॉलेज खुले चुके हैं तो छात्राएं कॉलेज में आकर पढ़ाई संबंधित अपनी शंकाए दूर कर सकती है।
- डॉ. आरपी सिंह, प्राचार्य महिला कॉलेेज नारनौल।
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