प्रशासन का नकल रहित परीक्षा करवाने का दावा उस समय हवा हवाई हो गया जब मुख्य द्वार से लोग नकल करने की सामग्री डाले। इसके अलावा सैनी स्कूल परीक्षा केंद्र पर भी बाहरी हस्तक्षेप रहा। उड़नदस्तों के सामने दीवारों के ऊपर चढ़कर लोगों ने कक्षाओं में पर्चियां डालीं। जबकि पुलिस कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण बाहरी भीड़ को रोक नहीं पा रहे थे।
मंगलवार को दसवीं कक्षा का अंग्रेजी की परीक्षा 10.30 से 1 बजे तक चली। परीक्षा शुरू होने के एक घंटे बाद ही परीक्षा केंद्र के अंदर बाहर लोगों की चहल पहल शुरू हो गई। बाहरी लोग मुख्य द्वार से आराम से जाकर अपने परीक्षार्थी को पर्चियां दे रहे थे। इतना ही नहीं लोग दीवारों पर चढ़कर भी पर्चियां परीक्षा कक्ष में फेंक रहे थे। नकल रोकने के नाम पर केवल मात्र औपचारिकताएं पूरी की जा रही थीं जबकि सेंटर के अंदर कोई सख्ती नहीं दिखाई दी। डिप्टी सुपरीटेंडेंट राजेश ने बताया कि दोनों सेंटरों पर तीन केस बने हैं। सायं के समय कक्षा बारहवीं का अंग्रेजी विषय की परीक्षा थी। इस परीक्षा में भी केंद्र पर बाहरी लोगों का हस्तक्षेप रहा। सैनी स्कूल में लोग एक लंबे बांस से परीक्षार्थी के पास पर्चियां पहुंचा रहे थे।
महेंद्रगढ़ खंड में दो संवेदनशील परीक्षा केंद्र
महेंद्रगढ़ खंड में गांव बसई और पाली को संवेदनशील परीक्षा केंद्र घोषित किया गया है। नकल को रोकने के लिए प्रशासन ने डीईओ, बीईओ, एसडीएम तथा बोर्ड ने उड़न दस्ते गठित किए हुए हैं। पहले दिन प्रशासन को नकल रहित परीक्षा में कोई खास सफलता हासिल नहीं हुई।
जान पहचान वालों को खूब करवाई नकल
भले ही प्रशासन नकल रहित परीक्षा करवाने के लिए दावे कर रहा हो, लेकिन हकीकत यह है कि यहां नकल रुकने वाला नहीं। क्योंकि ड्यूटी दे रहे निरीक्षक की जान पहचान वाले ही नकल करवा रहे हैं जबकि ड्यूटी पर तैनात निरीक्षक कुर्सी पर बैठकर आराम फरमा रहे थे।