महेंद्रगढ़। देश की सेवा करने वाले सैनिकों को सम्मानजनक सुविधाएं मिलनी चाहिए। यह बात पूर्व सैनिकों ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित संवाद कार्यक्रम में कही। पूर्व सैनिकों ने किसान सम्मान निधि, बुढ़ापा भत्ता, ईसीएचएस सुविधा, सीएसडी और सैनिक बोर्ड की व्यवस्थाओं में सुधार सहित कई मुद्दे रखे।
संवाद के दौरान सैनिकों ने वीरांगनाओं की समस्याओं, सैनिक बोर्ड भवन की स्थिति और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी चिंता जताई। यादव सभा में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों ने भाग लिया और सरकार से अपने अधिकारों एवं सुविधाओं को लेकर आवाज बुलंद की।
जानिये क्या बोले पूर्व सैनिक...
हर व्यक्ति को बुढ़ापा पेंशन मिल रही है और समृद्ध लोग भी किसान सम्मान निधि प्राप्त कर रहे हैं। सैनिक देशसेवा करके आते हैं और उनको इस सम्मान से वंचित रखा गया है। पेंशनर बताकर राज्य सरकार पूर्व सैनिकों के साथ उचित व्यवहार नहीं कर रही है। पूर्व सैनिकों को भी आम व्यक्ति के समान हक व सम्मान मिलना चाहिए।
-सूबेदार रामस्वरूप यादव, प्रधान, सैनिक संगठन
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जिले में सैनिक बोर्ड का भवन जर्जर हो चुका है। इसमें सैनिकों के लिए प्रतीक्षा कक्ष की कोई व्यवस्था नहीं है। साथ ही रेस्ट हाउस भी अव्यवस्थित हो चुका है और देखरेख के अभाव में यह भी रहने लायक नहीं बचा है। इस पर सरकार को संज्ञान लेना चाहिए और सैनिकों के सम्मान के लिए इसे दुरुस्त कराना चाहिए।
-सूबेदार हवासिंह, पूर्व सैनिक
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वीरांगनाओं को शहीद की अंत्येष्टि के बाद कोई पूछ नहीं रहा है। वीरांगनाओं को भी विधवा और वृद्धा भत्ता का लाभ देना चाहिए। साथ ही वीरांगनाओं के साथ महीने में एक बार जिला या ग्रामीण स्तर पर संवाद करना चाहिए। इनसे सैनिक बोर्ड को लगातार संपर्क बनाकर उनके समस्याएं आदि सुननी चाहिए और समाधान कराना चाहिए।
-सूबेदार रामस्वरूप यादव, पूर्व सैनिक
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पूर्व सैनिकों को नागरिक अस्पताल में ईसीएचएस की सुविधा प्रदान करनी चाहिए ताकि दूर जाने असमर्थ लोग अपने गृह जिले में सुविधा पा सकें। नागरिक अस्पताल में यह सुविधा मिलनी चाहिए और पूर्व सैनिकों को प्राथमिकता देते हुए विशेष काउंटर बनाया जाए। इससे पूर्व सैनिकों को सम्मान मिलेगा।
-कैप्टन राजेंद्र सिंह, पूर्व सैनिक