नगर परिषद में एनओसी के नाम पर घपले पर घपले होने के आरोप लग रहे हैं। हाल ही में डीसी रेट पर लगे जेई विकास शर्मा व पूर्व एमई चमनलाल पर एनओसी बिना विकास शुल्क जारी किए जाने का मामला सामने आया था। वहीं रविवार को नप के एक कर्मी ने गुप्त नाम रखते हुए नप के तत्कालीन बीआई व एमई पर भी बिना शुल्क लिए एनओसी जारी करने का आरोप लगाया है। इन एनओसी पर सचिव केके यादव के भी साइन हैं। ये एनओसी डेढ़ साल पूर्व जारी की गई हैं।
नप के कर्मी ने मीडिया को सौंपी एनओसी की प्रतियों में बताया है कि ये कर्मिर्शियल साइट की है और ये 7 जुलाई से 24 जुलाई 2015 के महज 17 दिनों के अंतराल में ही नगर परिषद के सचिव केके यादव द्वारा जारी की गई है। इन पर तत्कालीन भवन निरीक्षक सोहन सिंह व एमई अंकित वशिष्ठ की रिपोर्ट की गई है। इन एनओसी में क्रमांक नंबर 265, 271, 273, 274, 276, 277, 278, 279 व 281 है। इन एनओसी की प्रतियां उपलब्ध करवाने वाले सूत्रों का कहना है कि तत्कालीन भवन निरीक्षक, एमई व सचिव द्वारा बिना विकास शुल्क जारी की गई इन एनओसी की एक-एक प्रति नप के प्रधान, उपायुक्त, निकाय मंत्री व मुख्यमंत्री को भी प्रेषित की जाएगी।
इस बारे में फाइल देखकर ही कुछ कहा जा सकता है। आज रविवार है इसलिए मैं सोमवार को फाइल देखने के बाद ही कुछ बता सकूंगा।--केके यादव, सचिव, नप