फोटो 30 पुरानी मंडी में भागवत कथा के दौरान मौजूद श्रद्धालु।स्रोत आयोजक
नारनौल। शहर के पुरानी मंडी में चल रही भागवत कथा के तीसरे दिन की कथा में वृंदावन से आए बाल व्यास आयुष महाराज ने कपिल चरित्र, सती चरित्र, शिव विवाह का वृतांत सुनाया।
उन्होंने कहा कि जीवन में मनुष्य से प्रतिदिन जाने अनजाने कई पाप हो जाते हैं। उनका प्रायश्चित करना ही मुक्ति पाने का एक मात्र उपाय है। उन्होंने कहा कि हर इंसान को अच्छे कर्म करने चाहिए। आयुष महाराज ने कहा कि सत्संग में वह शक्ति है जो व्यक्ति के जीवन को बदल देती है। उन्होंने कहा कि व्यक्तियों को अपने जीवन में क्रोध, लोभ, मोह, हिंसा, संग्रह आदि का त्याग कर विवेक के साथ श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए। भागवत कथा के दौरान कपिल चरित्र, सती चरित्र, शिव विवाह आदि प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान के नाम मात्र से ही व्यक्ति भवसागर से पार उतर जाता है। संवाद