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पांच वर्ष बीतने के बाद भी लॉजिस्टक हब पर शुरू नहीं हुआ काम

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लॉजिस्टिक हब । फाइल फोटो - फोटो : Narnol
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नारनौल। नांगल चौधरी हलके के गांव तलोट, बसीरपुर और घाटाशेर में करीब 1200 एकड़ जमीन पर बनने वाले मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब के लिए जमीन अधिग्रहण का कार्य पांच साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। सरकार को मात्र 150 एकड़ जमीन और अधिग्रहित करनी है लेकिन किसान और सरकार के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। इस वजह से किसान जमीन देने को तैयार नहीं हैं। अब यह मामला कोर्ट में चला गया है। यह जमीन लॉजिस्टिक हब के बीच में पड़ती है जिसे लेना अनिवार्य है। प्रदेश सरकार इस प्रोजेक्ट का शुरू करने के लिए पूरा जोर लगा रही है। वहीं केंद्र सरकार भी इसकी समीक्षा कर रही है। हालांकि प्रदेश सरकार की ओर से बिजली, पानी व सड़क का कार्य किया जा रहा है।
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लॉजिस्टिक हब जिले का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। इसके निर्माण पर न नांगल चौधरी के विधायक के साथ ही सरकार की भी नजर है। सरकार लॉजिस्टिक हब बनाने पर पूरा प्रयास कर रही है। केंद्र सरकार की ओर से न्यू डाबला रेलवे स्टेशन से लॉजिस्टिक हब की तय जमीन तक रेलवे लाइन बिछवाई जा रही है। प्रदेश सरकार बिजली कनेक्शन और पानी की लाइन बिछाने का कार्य करा रही है। सड़क का कार्य पूरा किया जा चुका है। यानी बाहरी काम भी लगभग पूरा होने को हैं। सामान की ढुलाई के लिए दिल्ली-मुंबई डेडिकेटेड फ्रेड रेल कारीडोर बनाया गया है जोकि अटेली, नारनौल व निजामपुर से होकर गुजर रहा है। लॉजिस्टिक हब के तहत सर्वप्रथम इस कारीडोर पर कंटेनर डिपो बनाने की योजना है। इसके लिए 1200 एकड़ के करीब जमीन चिह्नित की गई है। मालगाड़ियों में आने वाले माल को रखने व आसपास से निर्मित माल को भेजने के लिए बड़ा मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब बनाया जाएगा। इसके बाद इससे संबंधित औद्योगिक इकाइयां भी विकसित की जा सकेंगी। इससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
सृजित होंगे रोजगार के अवसर
लॉजिस्टिक हब के निर्माण के बाद निश्चित रूप से बड़ी औद्योगिक इकाइयां यहां स्थापित होंगी, जिससे रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही जिले के युवाओं को अपने गृह क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। इस लॉजिस्टिक हब के लिए रेल कॉरिडोर का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, मगर पांच साल पहले शुरू हुए इस हब के कार्य को तेजी से पूरा करने में कई बाधाएं आ रही हैं। लॉजिस्टिक हब से माल को हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल व जम्मू कश्मीर के शहरों में भेजा जाएगा। इस हब में बड़े-बड़े वेयर हाउस बनेंगे। अनुमान लगाया जा रहा है कि इससे कई हजार लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
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वर्जन:
लॉजिस्टिक हब के लिए रेलवे लाइन, बिजली, पानी आदि का कार्य चल रहा है। सड़कें बनाई जा चुकी हैं। लगभग 150 एकड़ जमीन भी अधिग्रहण की जानी है। यह मामला कोर्ट में चल रहा है। उम्मीद है कि इस वर्ष के अंत तक मामला शार्टआउट कर काम शुरू करवा दिया जाएगा।- डॉ. अभय सिंह, विधायक, नांगल चौधरी।
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