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Mahendragarh-Narnaul News: पंचायतों के गठन के डेढ़ साल बाद भी गांव में विकास की रफ्तार धीमी

Mon, 15 Apr 2024 02:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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मंडी अटेली। हरियाणा प्रांत में नई पंचायतों के गठन से लगभग डेढ़ साल बाद भी गांवों में विकास की रफ्तार धीमी है। हालांकि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की ओर से गांवों की मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति के लिए जनसंख्या आधारित व अन्य ग्रांट समय-समय पर भेजी जा रही है। अन्य किसी सार्वजनिक निर्माण कार्यों के लिए कोई भी ग्रांट नही दी गई है। इससे गांवों का विकास कार्य ठप पड़ा हुआ है।
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नई पंचायतों के गठन के बाद बीते डेढ़ साल में सरकार द्वारा स्थानीय विधायक एवं खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी के माध्यम से कई बार ग्राम पंचायतों से विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए प्रस्ताव मांगे जा चुके हैं। ये प्रस्ताव सिर्फ प्रस्ताव ही बनकर रह गए हैं। सरकार द्वारा अभी तक बड़े कार्यों के लिए अनुदान राशि जारी नही की गई हैं। गांव में समुचित विकास कार्य न होने से गांव के मुखियाओं में तनिक मायूसी भी महसूस की जा रही है। ग्राम मुखिया सरकार से मिल रही छोटी-छोटी अनुदान राशि में से गांव में पेयजल तथा साफ सफाई इत्यादि की मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति करने के साथ थोड़ा बहुत मरम्मत व निर्माण कार्य ही कर पा रहे हैं। ग्राम पंचायतों के गठन के बाद ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने सरकार के नुमाइंदों से मुलाकातें कर गांवों विकास की योजनाएं उनसे सांझा की और नेताओं ने भी उनको विकास कार्यों के लिए अनुदान दिलवाने का आश्वासन दिया गया था। विकास कार्यों को लेकर पंचायतों को सरकार से काफी अपेक्षाएं थी लेकिन समय बीतने के साथ-साथ उनकी अपेक्षाएं धूमिल पड़ती नजर आ रही है। राजनीतिक जानकारों का कयास था कि सरकार लोक सभा चुनाव से पूर्व ग्रामीण विकास हेतु कुछ अनुदान राशि ग्राम पंचायतों को प्रदान करेगी, लेकिन ऐसा भी नही हो पाया। लोकसभा चुनाव सर पर हैं और चुनाव आचार संहिता भी लागू है। इन चुनावों के कुछ दिन बाद विधान सभा के चुनाव होना तय है। इसके बाद दोबारा आचार संहिता लग जाएगी और दो साल यूं ही बीत जाएंगे। निकट भविष्य में भी सरकार द्वारा किसी विशेष अनुदान राशि जारी होने की संभावना नजर नही आ रही है।


सरकार द्वारा समय-समय पर नियमानुसार ग्रांट दी जा रही है। इन ग्रांटों और पंचायत फंड से ग्राम पंचायत 5 लाख तक के कार्य कर सकती है। बड़े वर्क आर्डर पास नही हुए हैं, उनको चुनाव आयोग के पास भेजा जाएगा। आचार संहिता समाप्ति के बाद विकास कार्यों की प्रक्रिया जारी रहेगी।
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सीताराम यादव, विधायक अटेली।
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