नारनौल। सरकारी अस्पताल में उपचार कराने के बावजूद आयुष्मान कार्ड वॉलेट से राशि कटने से लोग असमंजस में हैं। अधिकांश लाभार्थियों को यह जानकारी ही नहीं कि नागरिक अस्पताल में इलाज पर भी वॉलेट से पैसे काटे जाते हैं।
वहीं पारदर्शिता के अभाव में लोग सायबर कैफे और अस्पतालों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वहीं अधिकारियों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में उपचार कराने पर राशि योजना के तहत शुरू से ही काटी जा रही।
आयुष्मान कार्ड योजना के अंतर्गत कार्ड धारक पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार करा सकते हैं। निजी अस्पताल में उपचार कराने के बाद धारक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर खर्च राशि कटने का संदेश आता है।
वहीं सरकारी अस्पताल में भी उपचार करवाने के बाद आयुष्मान कार्ड से उपचार खर्च राशि काटी जाती है। आयुष्मान वॉलेट से काटी गई राशि का उपयोग स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने में किया जाता है।
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2025 में एक निजी अस्पताल को किया ब्लैक लिस्ट
आयुष्मान कार्ड योजना के अंतर्गत जिलेभर में करीब 30 निजी अस्पतालों को पैनल में शामिल किया गया है। योजना के तहत लोगों को निजी अस्पतालों में उपचार करवाने की सुविधा तो मिली है लेकिन कुछ निजी अस्पताल द्वारा योजना के संचालन में अनियमितता भी बरती जाती है। जिसके चलते 2025 में पैनल में शामिल एक निजी अस्पताल को ब्लैक लिस्ट भी किया गया था।
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कुछ बीमारियों के उपचार को किया सूची से बाहर
आयुष्मान कार्ड योजना के अंतर्गत ह्दय रोग, छल्ले डलवाने, गुर्दे की पथरी सहित करीब 350 रोगों का उपचार निजी अस्पतालों में करा सकते हैं। हालांकि नेत्र संबंधित रोग के उपचार, अंग प्रत्यारोपण, पित्त की थैली की पथरी व सीजेरियन डिलीवरी को हाल ही में सूची से बाहर किया गया। क्योंकि इन रोगों का उपचार नागरिक अस्पताल में उपलब्ध है जिसके चलते निजी अस्पतालों में इनका उपचार अब आयुष्मान कार्ड के अंतर्गत सूची में शामिल नहीं है।
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मेरी बेटी को पेट में दर्द था, उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया था। तीन से चार दिन बाद उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। कुछ दिन बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर पर संदेश आया कि आयुष्मान वॉलेट से उपचार राशि काटी गई। -मनोहर लाल, मोहल्ला नलापुर
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ह्दय रोग के उपचार के लिए एक छल्ला डलाने में करीब एक से डेढ लाख का खर्च आता है। आयुष्मान योजना के तहत उपचार कराने में सुविधा मिली है लेकिन सीजेरियन डिलवरी, नेत्र रोग व पित्त की थैली के उपचार को सूची से बाहर करने से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। -नंद किशोर, मोहल्ला जमालपुर
वर्जन :
जिले में करीब 94 प्रतिशत पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। आयुष्मान कार्ड बनाने में जिला प्रदेश के टॉप 5 जिलों में शामिल है। 2025 में करीब 24,092 हजार नए आयुष्मान कार्ड बनाए गए। -रितु राजोतिया, जिला सूचना प्रबंधक, नागरिक अस्पताल, नारनौल