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शहर में अतिक्रमण भारी, परेशान हुई जनता बेचारी

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अनाज मंडी में दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों के बाहर अतिक्रमण के रूप में लगाया गया सामान। - फोटो : Narnol
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शहर के मुख्य बाजारों व सड़कों पर दुकानदारों ने अतिक्रमण किया हुआ है। जिससे बाजार में आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अतिक्रमण के चलते मार्ग इतना संकरा हो गया है कि आमने-सामने से दुपहिया वाहन भी आसानी से नहीं निकल पाते हैं।
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बता दें बाजारों व मुख्य सड़कों पर अतिक्रमण की समस्या वर्तमान समय की नहीं बल्कि लंबे समय से बनी हुई है। मगर अतिक्रमणकारियों के लिए नगर परिषद प्रशासन के पास कोई योजना नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश पर नगर परिषद अधिकारी कुछ दिन अतिक्रमण अभियान चलाकर अपनी इतिश्री कर लेते हैं। कुछ समय बाद दुकानदार दोबारा से अपनी दुकानों के बाहर अतिक्रमण के रूप में सामान सजा लेते हैं। जिससे बाजारों में खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को परेशानी होती है।
महावीर मार्ग से आजाद चौक तक शहर का मुख्य बाजार है। इस मार्ग की चौड़ाई रिकॉर्ड में 20 से 25 फुट के करीब है। मगर मार्ग के दोनों तरफ के दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर 4-5 फुट तक अपना सामान लगाकर अतिक्रमण किया हुआ है। इस प्रकार 10-15 फुट ही मार्ग पैदल राहगीरों के चलने योग्य बचा हुआ है। ऐसे में अगर बाजार में गलती से चौपहिया वाहन घुस गया तो उसका निकलना मुश्किल हो जाता है।
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इसी तरह पुरानी अनाज मंडी के दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर 8-10 फुट जगह पर सामान लगाकर कब्जा किया हुआ है। इस कारण अनाज मंडी अनाज लेकर आने वाले तथा पशुओं के आहार आदि लेकर जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी होती है क्योंकि मंडी में चौपहिया वाहनों को अधिक आवागमन रहता है। ऐसे में दोनों तरफ से वाहन आ जाए तो एक वाहन का निकलना बड़ा मुश्किल हो जाता है।
बाजारों में दुकानदारों तो सड़कों पर रेहड़ी वालों का अतिक्रमण
शहर के बाजारों में दुकानदारों ने अतिक्रमण किया हुआ है तो सड़कों पर रेहड़ी, खोमचे वालों ने अतिक्रमण जमाया हुआ है। हालात यह बने हुए है कि राहगीर सड़कों पर चलने को मजबूर हैं क्योंकि फुटपाथों पर तो रेहड़ी व खोमचे वालों का अतिक्रमण है। हालांकि कुछ दिन पूर्व नगर परिषद प्रशासन ने द्वारा रेहड़ी चालकों को सड़क पर रेहड़ी या खोमचा नहीं लगाने की हिदायत दी है।
बिना योजना के कैसे अतिक्रमण मुक्त हो बाजार व सड़के
वैसे तो नगर परिषद शहर के बाजारों में समय-समय पर अभियान चलाकर अतिक्रमण हटवाती है। वहीं दुकानदारों को दोबारा से अतिक्रमण नहीं करने की चेतावनी देते हुए नप अपने अभियान 2-3 चलाकर बंद कर देती है। ऐसे में अतिक्रमण अभियान समाप्त होते ही बाजारों में दोबारा से वहीं स्थिति बन जाती है। ऐसे नगर परिषद को शहर के बाजारों व सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए कोई ठोस योजना बनाकर कार्य करने की जरूरत है।
शहर के बाजारों से अतिक्रमण हटाने का कार्य नगर परिषद प्रशासन का है। फिर भी वे अपने स्तर पर मुख्य सड़कों पर खड़े होने वाले वाहनों व रेहड़ी चालकों को हटवाते है ताकि राहगीरों व अन्य वाहन चालकों को आवागमन में कोई परेशान न आए। वहीं अगर नगर परिषद कोई अभियान चलाती है तो यातायात पुलिस उनका पूरा सहयोग करेंगी। -सत्यनारायण, जिला प्रभारी, यातायात पुलिस, नारनौल।
अतिक्रमण को लेकर नगर परिषद द्वारा कुछ दिन पूर्व ही सड़कों पर लगने वाली रेहड़ी चालकों के चालान किए गए थे। आगामी सप्ताह में नगर परिषद पुलिस प्रशासन के सहयोग विशेष अभियान चलाएगी। जिसमें मुख्य सड़कों व मुख्य बाजारों से अतिक्रमण हटाया जाएगा। -सुमनलता, ईओ, नगर परिषद, नारनौल।
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