डाक विभाग के कर्मचारियों ने विभाग और सरकार के निर्णय का विरोध करते हुए बुधवार को एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। इस दौरान डाक कर्मचारियों ने धरना दिया। कर्मचारियों ने छोटी बचत को इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक लिमिटेड को सौंपने के निर्णय का विरोध किया।
कर्मचारियों ने कहा कि विभाग व सरकार डाकघर की सभी छोटी बचत योजनाओं को इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक लिमिटेड को सौंपने जा रही है। इस बैंक की स्थापना एक अक्तूबर 2018 को हुई थी। मात्र तीन वर्षों में ही इस बैंक का घाटा बढ़कर 31 मार्च 2021 की बैलेंस शीट रिपोर्ट के अनुसार 821 करोड़ हो गया है। जबकि वर्तमान में यह बैंक डाक विभाग की बिल्डिंग में स्थित है तथा बिजली, पानी सभी डाक विभाग का है और इसका अपना स्टाफ 20 प्रतिशत से भी कम है। इसकी स्थापना पर यह बैंक अपने ग्राहकों को 4 प्रतिशत की ब्याज दर प्रदान कर रहा था जो कि वर्तमान में घटकर एक लाख की राशि पर 2 प्रतिशत तथा एक लाख से अधिकतम 2 लाख की राशि पर 2.25 प्रतिशत रह गई है।
सर्किल सचिव नरेश गुप्ता ने बताया कि डाक विभाग की आय का एक बड़ा हिस्सा 64 प्रतिशत सिर्फ इन्हीं स्कीमों से प्राप्त होता है बाकी की आय स्कीमों जैसे डाक जीवन बीमा, ग्रामीण डाक जीवन बीमा व डाक मेल से प्राप्त होती है। इसी तरह विभाग व सरकार ने अपनी दूसरी वित्तीय सेवा डाक जीवन बीमा, ग्रामीण डाक जीवन बीमा को भी इस बैंक को सौंपने का मन बना रखा है। जिसको लेकर डाक विभाग के कर्मचारियों ने एक दिन की हड़ताल रखी है।