संवाद न्यूज एजेंसी
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय ने विटामिन-डी संवर्धन पर आधारित बायोफोर्टिफिकेशन तकनीक खाद्य उत्पादों के विकास विषय पर प्रशिक्षण आयोजित किया। इका उद्देश्य किशोरियों में हाइपरविटामिनोसिस-डी की समस्या का समाधान खोजना है।
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने शोध को समाजोपयोगी बनाने के प्रयासों की सराहना की। समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने विटामिन-डी की कमी को वैश्विक जनस्वास्थ्य चुनौती बताते हुए जागरूकता और संतुलित आहार की आवश्यकता पर जोर दिया। कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने इस तरह के प्रशिक्षण को महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
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कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनीता कुमारी, प्रो. सुरेंद्र सिंह और शोधार्थियों की टीम ने किया जिसमें 35 आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। डॉ. अनीता कुमारी ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को बायोफोर्टिफिकेशन तकनीकों से परिचित कराना और विटामिन-डी युक्त खाद्य उत्पाद बनाने में सक्षम बनाना है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कुकीज, पिन्नी और न्यूट्री-बार्स जैसे मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया। विशेषज्ञों ने इसे पोषण सुधार, स्वास्थ्य संवर्धन और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम बताया।