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निगम के रिकॉर्ड में नहीं लगते बिजली कट, पर शहर व गांव के लोग कटों से बेहाल

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नारनौल। बिजली के कट शहर व गांवों के लोगों पर भारी पड़ रहे हैं। शहर के अनेक क्षेत्रों में लग रहे कटों के कारण लोग बिजली घर के कंट्रोल रूम पर फोन घुमाते रहते हैं। लेकिन दूसरी तरफ से फोन रिसीव ही नहीं किया जाता। शहर के नालापुर इलाके में रविवार को दो घंटे के कट से लोग परेशान रहे। ठीक यही हालत बाछौद, नसीबपुर, मांदी व सीहमा सहित अनेक गांवों का भी है। भीषण गर्मी के कारण ओवर लोडिंग से ट्रीपिंग हो रही है।
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निगम के कर्मचारियों का कहना है कि लगातार फाल्ट होने से सभी लाइनमैन व दूसरे तकनीकी कर्मचारी दिन रात मेहनत कर रहे हैं। ओवरलोड से हालात यह हैं कि बिजली वितरण व्यवस्था का कोई शेड्यूल नहीं है। इतना ही नहीं, घंटों बिजली न होने से परेशान उपभोक्ताओं द्वारा जब निगम के अधिकारियों से फोन पर संपर्क किया जाता है तो अक्सर फोन रिसीव नहीं किया जाता है। भूल से कभी-कभार फोन उठा भी लिया तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। इस प्रकार की लापरवाही से उपभोक्ताओं में काफी रोष है।
-रिकॉर्ड के अनुसार शहर को मिल रही है निर्बाध बिजली
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के एसई कार्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार नारनौल शहर में महेंद्रगढ़ रोड स्थित 220 केवी विद्युत सब स्टेशन, निजामपुर रोड स्थित 33 केवी विद्युत सब स्टेशन व हुडा स्थित 33 केवी विद्युत सब स्टेशन से बिजली सप्लाई होती है। इन पावर हाउसों पर कार्यरत इंचार्ज के अनुसार यहां से शहर के लोगों को निर्बाध रूप से बिजली सप्लाई की जा रही है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार लाइन लोड के हिसाब से सिटी फीडर 6 पर रोजाना सुबह कुछ देर के लिए कट लगाया जाता है। इसी प्रकार सिटी फीडर 8 पर व अन्य फीडरों पर भी लाइन लॉस के अनुसार 24 घंटे में केवल 1 से 2 घंटे का पावर कट लगाया जाता है। इसके अलावा कभी-कभार लाइन में फाल्ट आने पर 5 से 10 मिनट के लिए बिजली बंद करवाई जाती है। इस प्रकार पावर हाउसों से उपभोक्ताओं को 24 में से 20 से 21 घंटे बिजली सप्लाई दी जा रही है। लेकिन लोगों की शिकायत है कि उन्हें बिजली मिल ही नहीं रही है। मेंटीनेंस के नाम पर रोजाना घंटों बिजली गुल रहती है। पिछले बीस दिन में निगम को 637 शिकायतें बिजली से संबंधित रह चुकी है। कटों की व फॉल्ट की आ चुकी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जहां से भी शिकायतें मिलती हैं वहां पर तुरंत समाधान का प्रयास किया जाता है।
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निगम के एसई राजकुमार का कहना है कि पूरा प्रयास है कि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए सभी कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि जैसे ही फॉल्ट की शिकायत मिले तुरंत समाधान किया जाए। इसके अलावा रोजाना लगभग 45 लाख यूनिट बिजली खपत हो रही है। यह इस बात का सबूत है कि सही व्यवस्था बनी हुई है।
निगम हर 15 दिनों के बाद लाइनें शिफ्ट करने व मरम्मत के कार्यों के चलते लंबे कट लगा देता है। जिससे गर्मी के मौसम में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। मरम्मत कार्य के बाद भी उन्हें सही प्रकार से बिजली सुविधा प्रदान नहीं मिल रही है।
- मोहित कुमावत
12 घंटों में केवल 7 से 8 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। जबकि सरकार 24 घंटे बिजली देने का दावा करती रहती है। बिजली गुल होने से जब शिकायत नंबर पर फोन किया जाता है तो कर्मचारी उसको उठाते नहीं है।
-केशव सैनी
गर्मी के मौसम में अघोषित कटों से काफी परेशानी उठानी पड़ती है। ब्रेकडाउन के नाम पर एक से दो घंटे बिजली गुल रही है। जब बिजली गुल होने के बारे में पूछा जाता है तो कोई भी फोन उठाकर जवाब नहीं देते है। गर्मी के मौसम में यह समस्या अक्सर रहती है।
-राकेश कुमार
बिजली गुल होने से पीने के पानी की सबसे ज्यादा समस्या रहती है। बिजली कटौती का निश्चित समय होना चाहिए। तेज गर्मी व थोड़ी हवा चलते ही बिजली में फॉल्ट आने लग जाते है।
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-अरुण शर्मा
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